बरेली: 500 से 1500 रुपये तक प्रति क्विंटल बढ़े दालों के दाम

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। करीब दो माह पहले दाल दलहनों की स्टाक लिमिट खोलने का असर बाजार में दिखाई देने लगा है। जमाखोरी बढ़ने पर एक बार फिर प्रति क्विंटल दाल-दलहन पर 500 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक दाम बढ़ गए हैं। थोक बाजार में दालें दो से तीन फीसदी तक महंगी हो गयीं। फुटकर …

बरेली, अमृत विचार। करीब दो माह पहले दाल दलहनों की स्टाक लिमिट खोलने का असर बाजार में दिखाई देने लगा है। जमाखोरी बढ़ने पर एक बार फिर प्रति क्विंटल दाल-दलहन पर 500 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक दाम बढ़ गए हैं। थोक बाजार में दालें दो से तीन फीसदी तक महंगी हो गयीं। फुटकर बाजार में भी चढ़ी कीमतों का असर देखने को मिल रहा है। सबसे अधिक मांग वाली दालों में शामिल अरहर 120 रुपये प्रति किलो है, जबकि जुलाई में इसका 110 रुपये प्रतिकिलो भाव था। इसी तरह मसूर की दाल 110-115 रुपये प्रति किलो है। पिछले माह 90-100 रुपये प्रतिकिलो थी।

करीब तीन महीने पहले प्रमुख सचिव बीना कुमारी ने दालों की स्टॉक लिमिट बंद करने की घोषणा की। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को बड़े दाल कारोबारियों के गोदामों पर जाकर स्टाक चेक करने के निर्देश दिए थे। इससे कारोबारियों में खलबली मची रही। तमाम व्यापारी नेताओं के विरोध पर सरकार ने यह आदेश करीब दो महीने पहले वापस ले लिया था लेकिन, अब एक बार फिर से जमाखोरी के चलते दामों में इजाफा देखा जा रहा है। बाजार की बात करें तो अरहर, मसूर, मूंग आद दालों की कीमतों में 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी हुई है।

जिले में चार सौ करोड़ का सालाना कारोबार
दाल के बड़े कारोबारी अमन गुप्ता ने बताया जिले में दाल का करीब चार सौ करोड़ का सालाना कारोबार है। आसपास के जिलों में दाल की आपूर्ति यहीं से होती है। इसके अलावा विदेशों से भी बड़ी मात्रा में दाल का आयात होता है। वहीं, शहर की बात करें तो श्यामंगज गल्ला मंडी के अलावा गंगापुर, माधोबाड़ी में दाल के बड़े कारोबारी हैं।

कोरोना संकट के चलते बजट पहले से बिगड़ा हुआ था। अब महंगाई ने भी सारा बजट बिगाड़ दिया है। दाल फिर से भाव खाने लगी है। उड़द धोबा की दाल 10 रुपये प्रति किलो अधिक दाम में मिली है। पिछले महीने यह 120 रुपये थी। -रोशनी प्रजापति, गृहणी

रसोई गैस के बाद अब राशन भी महंगा हो रहा है। दाल के रेट बढ़ रहे हैं। हैरानी वाली बात है कि अरहर जैसी अच्छी वैरायटी की दाल के रेट में 10 से 15 रुपये प्रति किलो का अंतर है। प्रशासन बाजार में ओवर रेटिंग को रोके। -नरगिस, गृहणी

सरकार व जिला प्रशासन की सख्ती के चलते जून के दूसरे पखवाड़े में दाल के भाव कम हुए थे। जुलाई में चना का भाव 100 रुपये प्रति किलो था। अब 115 रुपये प्रति किलो है। इसी तरह अन्य दालों पर पांच से 10 रुपये प्रति किलो तक बढ़े हैं। -त्रिवेनी देवी, गृहणी

विदेश से होने वाली दालों के आयात पर असर पड़ने की वजह से दाम में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। आयातक ने माल डंप कर रखा है। स्थानीय स्तर पर कोई महंगाई नहीं है। स्टॉक लिमिट की बाध्यता हटने का फ़ायदा भी आयातक उठा रहे हैं। -सुरेश जैन, अध्यक्ष, दाल मिल एसोसिएशन

दाल की कीमतों पर नजर

दाल जुलाई अगस्त बढ़े दाम

मसूर 8900 9800 900
उड़द 7300 8300 1000
सफेद चना कंचा 8600 10100 1500
सफेद चना मोटा 9000 10500 1500
मटर 5400 6600 1200
डालर चना 5650 6400 750
मसूर 7200 8400 1200
अरहर 7800 8800 1000
मूंग 7700 8300 600
काला चना 5500 6000 500

नोट :(दाल मंडी से लिया गया दालों का भाव रुपये प्रति क्विंटल हैं। )

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