बरेली: बंद रहा सराफा बाजार, 100 करोड़ का कारोबार प्रभावित
बरेली, अमृत विचार। केंद्र सरकार के प्रस्तावित नए हॉल मार्किंग यूनिक आइडेंटिफिकेशन कोड (एचयूआइडी) के विरोध में सोमवार को एक दिन सर्राफा बाजार बंद रहा। शहर के बड़े से लेकर छोटे सर्राफा कारोबारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। बाजार बंद होने से ग्राहकों को भी परेशान होना पड़ा। कई ग्राहक बाजार पहुंचे …
बरेली, अमृत विचार। केंद्र सरकार के प्रस्तावित नए हॉल मार्किंग यूनिक आइडेंटिफिकेशन कोड (एचयूआइडी) के विरोध में सोमवार को एक दिन सर्राफा बाजार बंद रहा। शहर के बड़े से लेकर छोटे सर्राफा कारोबारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। बाजार बंद होने से ग्राहकों को भी परेशान होना पड़ा। कई ग्राहक बाजार पहुंचे लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। एक दिवीसय हड़ताल से करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। हालांकि, देशव्यापी निर्णय पर बंदी से हुए नुकसान का कारोबारियों को कोई मलाल नहीं है। उनका कहना है कि व्यवसाय से ज्यादा जरूरी है कि एचयूआईडी में सरलीकरण के जरूरी उपाय किए जाएं।
हॉलमार्किंग की समस्या को लेकर सर्राफा एसोसिएशन संघ के पदाधिकारी पिछले कई महीने से केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के अधिकारियों से लगातार बातचीत कर रहे हैं लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। बरेली महानगर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप अग्रवाल मिंटू ने बताया कि इस संबंध में एसोसिएशन की कई दौर की बातचीत सरकार और बीआईएस अधिकारियों से हो चुकी है। मंत्री और अधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराया गया लेकिन कहीं से कोई संतुष्टि या राहत नहीं मिली। जिसके चलते सोमवार को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि ज्वैलरी में हॉलमार्किंग की अनिवार्यता के नियम का सभी स्वागत करते हैं, लेकिन ज्वैलरी पर एचआईयूडी अंकित करने और हॉलमार्किंग में आपराधिक कार्रवाई का जो नियम है हम सभी उसका विरोध करते हैं। इसके सरलीकरण की आवश्यकता है। इसमें जो नियम व कानून हैं, वो काफी जटिल हैं। एक दिन की बंदी से करीब सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है।
सराफा व्यवसायी संजीव औतार अग्रवाल ने कहा कि इस कानून से छोटे व मध्यम व्यवसायियों को खासा नुकसान होगा। गहनों की कोई सुरक्षा नहीं रहेगी। सोने के जेवर की अदला-बदली नहीं की जा सकेगी। ग्राहकों की गोपनीयता भंग होगी। उन्होंने कहा कि हॉलमार्किंग पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स के निर्णय से पूरे देश के सराफा कारोबारियों में रोष है। इसी के विरोध में सराफा बाजार पूर्ण तरीके से बंद रहा। अगर सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानी तो बड़ा आंदोलन होगा।
ये हैं प्रमुख बाजार
बरेली में आलमगिरी गंज, सिविल लाइंस, कुतुबखाना, साहूकारा में थोक सर्राफा बाजार हैं। सिर्फ इन्हीं बाजारों में करीब 700 सर्राफा कारोबारी हैं। इसके अलावा शहर और देहात में अलग-अलग इलाकों में भी ज्वैलर्स हैं। ऐसे में एचआईयूडी के विरोध में सोमवार को करीब दो हजार सर्राफा कारोबारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
