लखनऊ: विधानभवन के सामने युवक ने किया आत्मदाह का प्रयास, पुलिस पर लगाया बड़ा आरोप

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लखनऊ। विधानभवन के सामने मंगलवार को एक युवक नरेन्द्र मिश्रा ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। युवक को कुछ होता इससे पहले वहां मौजूद पुलिस बल ने उसे बचा लिया। युवक पेशे से खाघ एवं रसद विभाग में ठेकेदारी करता है। युवक का अपने साथी के साथ लेनदेन का विवाद …

लखनऊ। विधानभवन के सामने मंगलवार को एक युवक नरेन्द्र मिश्रा ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। युवक को कुछ होता इससे पहले वहां मौजूद पुलिस बल ने उसे बचा लिया। युवक पेशे से खाघ एवं रसद विभाग में ठेकेदारी करता है। युवक का अपने साथी के साथ लेनदेन का विवाद चल रहा है। उसका कहना है कि ठेकेदारी में उसके साझेदारों ने उसपर गबन का आरोप लगाकर उसे जेल भिजवा दिया। युवक ने खाद्य एवं रसद विभाग के अधकारियों के साथ ही पुलिस पर भी प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

पीड़ित का कहना है कि उसपर गबन का झूठा आरोप लगाकर उसे जेल भिजवा दिया गया। उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है, इसीलिए उसके पास आत्मदाह के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा है। प्रभारी निरीक्षक श्यामबाबू शुक्ला ने बताया कि युवक का बचा लिया गया है। पीड़ित के बयान के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने युवक को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसकी हालत पूरी तरह से खतरे से बाहर है।

तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक पर लगाया आरोप

युवक ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक तालकटोरा संजय राय पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। दरअसल इसी वर्ष नरेन्द्र मिश्रा के खिलाफ उसके पार्टनर सौरभ सिंह ने धोखाधड़ी व जान से मारने की धमकी  की एफआईआर दर्ज कराई थी। यह एफआईआर गोमतीनगर विस्तार थाने में दर्ज थी जो बाद में तालकटोरा थाने स्थानांतरित हो गई थी। वादी का कहना था कि नरेन्द्र व उसकी पत्नी सपना के साथ फर्म में उनकी दस फीसदी की साझेदारी थी। इन लोगों ने ग्राहकों से रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कराए, लेकिन वह रुपये कंपनी या संदीप सिंह को नहीं दिए। यह विवेचना तालकटोरा थाने में स्थानांतरित हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने जांच कर 24 जून को नरेन्द्र को जेल भेज दिया था। नरेन्द्र 20 जुलाई को जेल से जमानत पर बाहर आया था।

आत्मदाह के प्रयास के पहले वाट्स एप पर लिखा मैजेस

विधानभवन के सामने आत्मदाह का प्रयास करने के  पहले  उसने अपने वाट्सएप पर एक संदेश लिखकर भी वायरल किया है। संदेश में  लिखा है कि मै लखनऊ के संभागीय खाद्य नियंत्रक (आरएफसी) कार्यालय में ठेकेदारी करता हूं। मार्केटिंग इंस्पेक्टर आदित्य सिंह व उनकी बुआ का बेटा सौरभ सिंह मेरे साथ विभागीय ठेकेदारी में साझेदार हैं। इन्होंने 1.25 करोड़ रुपये के गबन का झूठा आरोप लगाकर मुझे जेल भिजवा दिया। मेरी कहीं सुनवाई नहीं होने पर आत्मदाह के सिवाय कोई और रास्ता नहीं बचा है। इसका मुकदमा तालकटोरा में दर्ज है, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी व अन्य संबंधित लोगों को पूरी जिम्मेदारी के साथ अवगत करा रहा हूं कि 24 अगस्त को मैं विधानभवन के सामने आत्मदाह करूंगा।

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