बरेली: शहर के लोगों को संकट में डाल रहे जुगाड़ के ठेकदार
बरेली, अमृत विचार। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए जिन फर्मों के ठेकेदार को काम दिया गया है, उसमें ज्यादातर काम-चलाऊ ढंग से ही निर्माण कार्य करा पा रहे हैं। समयबद्ध तरीके से काम करने के लिए अधिकांश के पास न तो मजदूर हैं और न ही पर्याप्त आधुनिक मशीनें। ऐसे लोगों के पास ठेका …
बरेली, अमृत विचार। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए जिन फर्मों के ठेकेदार को काम दिया गया है, उसमें ज्यादातर काम-चलाऊ ढंग से ही निर्माण कार्य करा पा रहे हैं। समयबद्ध तरीके से काम करने के लिए अधिकांश के पास न तो मजदूर हैं और न ही पर्याप्त आधुनिक मशीनें। ऐसे लोगों के पास ठेका पहुंचने की वजह से वे लगातार व तेजी से काम नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में शहर की तमाम महत्वपूर्ण सड़कें खुदी पड़ी हैं लेकिन उनका काम पूरा न होने से ये अधूरे काम लोगों के लिए खतरे का सबब बन रहे हैं।
स्मार्ट सिटी के साथ ही 15वें वित्त आयोग, अमृत योजना सहित सहित कई अन्य स्कीमों के तहत निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। सर्वाधिक दिक्कत यह खड़ी हुई है कि कोविड की दूसरी लहर कम होने के साथ तमाम परियोजनाओं के काम एक साथ शुरू करा दिए गए हैं। इससे शहर की तमाम महत्वपूर्ण और यातायात का दबाव झेलनी वाली सड़कें भी खुदी पड़ी है। यहां एक तो काम जल्द पूरा नहीं कराया जा रहा। बाद में खुदी-उखड़ी सड़कों की मरम्मत सही से नहीं कराई जा रही है।
उस पर दिक्कत यह भी है कि इन प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में ऐसे चेहते ठेकेदारों को भी निर्माण कार्य के ठेके दे दिए गए हैं, जिनके पास न तो पर्याप्त मजदूर और कुशल श्रमिक हैं और न ही खुदाई से लेकर सड़क व नाला निर्माण कराने के लिए पर्याप्त मशीनें ही हैं। सूत्रों का कहना है कि ऐसे कई ठेकेदारों ने अपनी राजनीतिक पकड़ के बलबूते कई काम ले लिए हैं और दिखावे के तौर पर सड़क व नाला खुदाई के काम करके बैठ गए हैं।
अब ये जुगाड़ के ठेकेदारों ने शहर को संवारने के बजाय फिलहाल शहरवासियों को संकट में डाल दिया गया है। टूटी सड़कों और नालों के अधूरे निर्माण के साथ सड़क पर फैली बजरी सहित दूसरी निर्माण सामग्री और जगह-जगह खोदे गए गहरे गड्ढे हर वक्त किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को देखते हुए मेयर डॉ. उमेश गौतम व नगर आयुक्त अभिषेक आनंद कई बार निर्माण विभाग के इंजीनियरों से लेकर ठेका फर्मों की क्लास तक लगा चुके हैं। इसके बावजूद इसका कोई असर विकास कार्यों पर नहीं दिखाई दे रहा है।
कई खास सड़कों पर चलना हुआ खतरनाक
इन दिनों 15वें वित्त आयोग से ईंट पजाया से संजय नगर चौराहे के बीच सड़क के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इस काम की गति बहुत धीमी है। दोनों ओर रोड की खुदाई करके उस पर बजरी डालकर छोड़ दिया गया है। कई जगह पर सड़क पर बजरी के ढेर लगे हैं। ऐसे में इस पूरी रोड पर जाम लगा रहता है। यहां कुछ दिन काम होता दिखाई देता है, बाद में ठप हो जाता है।
इसके अलावा श्यामगंज फ्लाईओवर के आगे विकास भवन और गांधी उद्यान तक स्मार्ट सिटी तक भी रोड चौड़ीकरण होना है। यहां भी ठेका फर्म ने कुछ दिन पहले अर्बन हट, डीआईओएस दफ्तर के आगे एक साइड में रोड की खुदाई की। बाद में उसे ऐसे ही छोड़ दिया गया। इससे सड़क के किनारे काफी गहरा गड्ढा हो गया है।
कई बार वाहन चालक इसमें गिरते हुए बचे हैं। यही हाल चौकी चौराहे से पटेल चौक के बीच कराए जा रहे नाला निर्माण का है। इस काम में भी तेजी नहीं दिखाई दे रही। चौपुला के पास ही ट्रंक सीवर लाइन का काम भी काफी समय से अधूरा पड़ा है। यही हाल शहर की तमाम अन्य सड़कों का भी है।
विकास कार्यों को लेकर समय-समय पर समीक्षा करके संबंधित अभियंताओं व ठेका फर्मों पर शिकंजा कसा जा रहा है। समय से निर्माण कार्य पूरा कराने को कहा गया है। ऐसा न करने वालों पर जल्द ही कार्रवाई होगी। -अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त
