मुरादाबाद: जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा यूपीकॉप एप, महीनों से अपडेट नहीं हुई एफआईआर
मुरादाबाद, अमृत विचार। लोगों द्वारा थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर की कॉपी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश पुलिस ने यूपीकॉप नामक ऐप बनाया था। इस ऐप को तो समय-समय पर अपडेट किया जाता है लेकिन इस पर एफआईआर अपडेट नहीं होती हैं। इस वजह से यह एप जनता की उम्मीदों पर खरा …
मुरादाबाद, अमृत विचार। लोगों द्वारा थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर की कॉपी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश पुलिस ने यूपीकॉप नामक ऐप बनाया था। इस ऐप को तो समय-समय पर अपडेट किया जाता है लेकिन इस पर एफआईआर अपडेट नहीं होती हैं। इस वजह से यह एप जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा है। जनपद के कई थाने ऐसे हैं जिन्होंने महीनों से इस एप पर एफआईआर एपडेट नहीं की हैं। दूसरी ओर कई थाने ऐसे भी हैं जहां नाममात्र को ही एफआईआर अपडेट की गई हैं।
एफआईआर की कॉपी लेने के लिए पहले शिकायतकर्ता और आरोपी को थाने के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस समस्या को दूर करने के लिए पुलिस ने यूपीकॉप के नाम से एक एप बनाया था। दावा किया गया था कि इस एप के जरिए पीड़ित और आरोपी ऑनलाइन एफआईआर की काफी ले सकते हैं। इतना ही नहीं इस एप के जरिए एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।
इसे ई-एफआईआर का नाम दिया गया था। इतना ही नहीं इस एप पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि के लिए भी आवेदन किया जा सकता है। शुरुआती दिनों में यह ऐप अपडेट रही मगर समय बीतने के साथ-साथ यह शिथिल होने लगी। अब हालत यह हैं कि कई थाने तो इस एप की ओर झांकना भी पसंद नहीं करते। मौजूदा समय में हालत यह है कि शिकायतकर्ता अथवा आरोपी को एफआईआर की कॉपी प्राप्त करने के लिए थाने के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट की बात करें तो इस एप पर कभी भी रिपोर्ट अपडेट नहीं की गई। यूपीकॉप पर समय से एफआईआर अपडेट न होने के लिए पुलिस अधिकारियों के अपने-अपने तर्क हैं। एसपी सिटी अमित कुमार आनंद ने बताया कि कई बार नेटवर्क गड़बड़ा जाता है। पुलिस तो एफआईआर अपडेट कर देती है मगर नेटवर्क की गड़बड़ी के कारण वह एप पर दिखाई नहीं देती।
अपडेट का थानावार विवरण
थाना अपडेट की तिथि
भगतपुर 22 मार्च तक
भोजपुर 13 जून तक
गलशहीद 20 जुलाई तक
कांठ 06 जुलाई तक
कुन्दरकी 01 फरवरी तक
सोनकपुर अपडेट नहीं
वहीं अगर थाना ठाकुरद्वारा की बात करें तो यह 5 जुलाई तक ही अपडेट है। यहां कुल 407 एफआईआर दर्ज हैं। मगर इस थाने की मात्र 6 एफआईआर ही ऑनलाइन हैं।
