बरेली: 10 मिनट में संक्रमित नवजात को मिला वेंटिलेंटर पर उपचार

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। सुबह 11 बजे का समय, 300 बेड कोविड अस्पताल में अचानक एंबुलेंस से एक दस वर्षीय बच्ची आरजू को अस्पताल लाया गया। जिसके बाद स्ट्रेचर से बच्ची को वेंटिंग एरिया में लाया गया। इस दौरान उसका ऑक्सीजन स्तर व अन्य वायटल चेक किए गए, देखते ही देखते आरजू की तबीयत बिगड़ने लगी, …

बरेली, अमृत विचार। सुबह 11 बजे का समय, 300 बेड कोविड अस्पताल में अचानक एंबुलेंस से एक दस वर्षीय बच्ची आरजू को अस्पताल लाया गया। जिसके बाद स्ट्रेचर से बच्ची को वेंटिंग एरिया में लाया गया। इस दौरान उसका ऑक्सीजन स्तर व अन्य वायटल चेक किए गए, देखते ही देखते आरजू की तबीयत बिगड़ने लगी, जिससे बाद डाक्टर ने तुरंत उसे वेंटिलेंटर सपोर्ट पर रखा गया। ये पूरा वाक्या शासन की ओर से तीसरी लहर की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सांकेतिक रूप से किया गया था।

केरल, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में कोरोना संक्रमण के अचानक बढ़े मामले के चलते प्रदेश में एक बार फिर अलर्ट हो गया है। तीसरी लहर को देखते हुए शासन की ओर से शुक्रवार को जिले में शासन की ओर से नामित नोडल अधिकारी जेडी हेल्थ डा. गिरीश चंद्र ने पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) वार्ड की तैयारियां, वहां लगे मानीटर, वेंटिलेटर और बाइपेप मशीन आदि चालू हालत में हैं या नहीं, प्रशिक्षित डाक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की तैयारियों आदि को मॉक ड्रिल के माध्यम से परखा।

300बेड अस्पताल के नोडल अधिकारी जेडी हेल्थ के निर्देश पर पीकू वार्ड में तैनात डाक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ ने दिखाया कि उनको किस तरह उपकरण संचालित करना है, और बच्चों के इलाज के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का कैसे पालन करना है। मॉक ड्रिल के दौरान सीएमओ डा. बलवीर सिंह, एसीएमओ डा. हरपाल सिंह, आईडीएसपी प्रभारी डा. मीसम अब्बास समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

वेंटिलेंटर चलते ही गई बिजली
आईसीयू में स्टाफ वेंटिलेंटर चलाने का मॉक ड्रिल कर रहा था, तभी अचानक बिजली चली गई। कई मशीनें एक साथ बंद हो गई। स्टाफ ने सूचना दी तो जेनरेटर चलाया जाएगा। लेकिन उसके बाद भी वेंटिलेंटर चालू नहीं हुआ। जिसके बाद बच्ची को दूसरे वेंटिलेंटर पर शिफ्ट किया गया। जिसके बाद प्रक्रिया को जारी रखा गया। जेडी हेल्थ डा. गिरीश चंद्र ने अस्पताल का वार्ड, स्टोर रूम और मेडिसिन कक्ष का भी जायजा लिया।

चार सीएचसी पर हुई मॉक ड्रिल
एसीएमओ डा. आरएन गिरी के निर्देशन में शीशगढ़ में पीड्रियाट्रिक वार्ड में मॉक ड्रिल हुई। सुबह ही सीएचसी पर सांकेतिक रूप से कोरोना संक्रमित बच्चों को लाया गया। स्टाफ ने बच्चे का पहले ऑक्सीजन स्तर चेक किया। उसके बाद बच्चे के सीने में दर्द और सांस लेने की तकलीफ बताने पर तत्काल ऑक्सीजन सर्पोट पर रखा गया। इस दौरान स्टाफ ने पीपीई किट भी पहन रखी थी। शीशगढ़ के साथ ही बहेड़ी, मीरगंज और आंवला में भी मॉक ड्रिल हुई।

रोहिलखंड मेडिकल कालेज समेत अन्य मेडिकल कालेजों में हुई मॉक ड्रिल
रोहिलखंड मेडिकल कालेज में भी पीड्रियाट्रिक वार्ड में मॉक ड्रिल हुई। डब्ल्यूएचओ की टीम रोहिलखंड मेडिकल कालेज में मॉक ड्रिल के दौरान रही। इस दौरान पीकू वार्ड में डमी बच्चे को भर्ती करने से लेकर उसका इलाज करने तक की प्रक्रिया प्रशिक्षित डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की ओर से की गई। वहीं, एसआरएमएस व राजश्री मेडिकल कालेज में भी मॉक ड्रिल हुई। एसीएमओ डा. अशोक कुमार ने मॉक ड्रिल की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।

जिले में चार सीएचसी, तीन मेडिकल कालेज व 300 बेड अस्पताल में शासन की ओर से नामित नोडल अधिकारियों ने पीकू वार्ड की तैयारियों को परखा। इस दौरान कमियों को बताकर सुधारने का निर्देश दिए गए हैं। तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग की पूरी तैयारियां है। -डा. बलवीर सिंह, सीएमओ।

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