बाराबंकी: प्रधानमंत्री की मंशा पर बट्टा लगा रहा महिला अस्पताल जन औषधि केन्द्र

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बाराबंकी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब मरीजों के इलाज के लिए अभियान चला कर जन औषधि केन्द्र खुलवाने का काम किया। इन केन्द्रों पर जेनेरिक दवाओं की बिक्री निर्धारित की गयी है, जो काफ़ी सस्ते दरो पर उपलब्ध कराई जानी है। लेकिन इस केंद्र पर दवाओं का उपलब्ध नहीं होना बड़े सवाल खड़े कर रहा …

बाराबंकी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब मरीजों के इलाज के लिए अभियान चला कर जन औषधि केन्द्र खुलवाने का काम किया। इन केन्द्रों पर जेनेरिक दवाओं की बिक्री निर्धारित की गयी है, जो काफ़ी सस्ते दरो पर उपलब्ध कराई जानी है। लेकिन इस केंद्र पर दवाओं का उपलब्ध नहीं होना बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

जिला महिला अस्पताल स्थित जन औषधि केंद्र से दवाओं का नदारद रहना, निजी मेडिकल स्टोर वालों के लिए तो लाभकारी सिद्ध हो रहा है। कोरोनाकाल में बीमारी से ग्रसित इलाज़रत गरीब रोगियों के लिए खोले गए इस केन्द्र का फायदा किसको पहुंच रहा, यह चर्चा का विषय बन चुका है। इन्हीं चर्चाओं के मद्देनजर शनिवार को संवाददाता ने जिला महिला अस्पताल स्थित जन औषधि केंद्र पहुंच कर हाल जानने की कोशिश की तो तथ्य उभर कर सामने आया कि जन औषधि केन्द्र पर दवाओं की भारी किल्लत है। वहां मिले मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि कई दिनों से लगातार चक्कर लगाने के बावजूद इस केंद्र पर जरूरी दवाएं नहीं मिल रही है, जो बाजार में काफी महंगी है। जबकि ऐसे केन्द्रों को खोलकर प्रधानमंत्री ने इसलिए खुलवाया ताकि गरीबों को सस्ती दवाई मिले और  गरीब को दवाई के बिना मरने की नौबत ना आए। इस अभियान के तहत जिला महिला अस्पताल में खोला गया जन औषधि केन्द्र पर दवाएं नदारद रहना सिर्फ कागजी लिखा-पढ़ी को दर्शाता है। इस केन्द्र पर नाम मात्र दवाओं के साथ सिर्फ ड्यूटी निभायी जा रही है, जिसका खुलने का समय सुबह 8 बजे से दोपहर दो बजे तक ही है। महिला अस्पताल में होने के नाते यहां की सबसे बड़ी जरूरतों में सेनेट्री पैड, ग्लूकोज़, एंटीबायोटिक, पोषक और स्वाथ्यवर्धक दवाओं सहित तमाम जीवन दायक दवाओं का गायब रहने की समस्या लम्बे समय से बनी हुई है।

औषधि केन्द्र पर खानापूर्ति

गुंजन इंटर प्राइजेज़ जनसेवा केन्द्र पर प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप मरीज और उनके तीमारदारों को जेनेरिक दवाएं सस्ते दामों पर उपलब्ध कराए जाने के लिए, दोपहर 2 बजे तक ही खुलता है। इस केंद्र के द्वारा बीमार मरीज के इलाज़ में काम आने वाली तमाम औषधियां वेबसाइट पर मौजूद है, जिन्हें इस केंद्र पर होना चाहिए। लेकिन इस केन्द्र के नाम से आने वाली दवाओं को कहा खपाया जा रहा है, यह चर्चा आम है। जान बचाने के लिए आमजन इस केन्द्र पर दवाओं के उपलब्ध नहीं होने की दशा में मेडिकल स्टोर जाकर ज्यादा कीमत चुकाते हुए इलाज़ कराने के लिए मजबूर है।

सिर्फ 6 घंटे खुलता है औषधि केन्द्र

जिला महिला अस्पताल स्थित जन औषधि केन्द्र खुलने का समय निर्धारित है, जो दोपहर दो बजे बंद कर दिया जाता है। जबकि जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर भी चालू है, वही महिला अस्पताल में भर्ती जच्चा-बच्चा को 24 घंटो में किसी भी समय दवाओं की जरुरत पड़ती रहती है। लेकिन इन सवालों पर सभी जिम्मेदार अधिकारी अपने हाथ खड़े कर लेते है, जो दर्शाता है की यह सब उनकी जानकारी में चल रहा है।

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