सोशल मीडिया में मशहूर व्यक्ति बना अफगानियों के लिए मसीहा, दर्जनों लोगों को बाहर निकलवाने में मदद की

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Edited By Amrit Vichar
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वाशिंगटन। अफगानिस्तान से बाहर निकलने की अमेरिका की मंगलवार की समयसीमा से पहले इस संघर्षग्रस्त देश को छोड़कर बाहर जाने की कोशिश कर रहे दर्जनों लोगों की मदद इंस्टाग्राम के एक ‘इंफ्लुएंसर’ क्वेंटिन क्वारंटिनो ने की है। इंफ्लुएंसर उसे कहा जाता है, जो अपने प्रभाव या दर्शकों के साथ संबंधों के कारण दूसरों के निर्णयों …

वाशिंगटन। अफगानिस्तान से बाहर निकलने की अमेरिका की मंगलवार की समयसीमा से पहले इस संघर्षग्रस्त देश को छोड़कर बाहर जाने की कोशिश कर रहे दर्जनों लोगों की मदद इंस्टाग्राम के एक ‘इंफ्लुएंसर’ क्वेंटिन क्वारंटिनो ने की है। इंफ्लुएंसर उसे कहा जाता है, जो अपने प्रभाव या दर्शकों के साथ संबंधों के कारण दूसरों के निर्णयों को प्रभावित कर सकते हैं।

क्वारंटिनो दरअसल न्यूयॉर्क सिटी के रहने वाले 25 साल के टॉमी मार्कस का इंस्टाग्राम अकाउंट पर नाम है। वह कोविड-19 टीकाकरण का विरोध करने वालों के खिलाफ मजाकिया पोस्ट के लिए जाने जाते हैं। क्वारंटिनो ने अपने फॉलोअर्स की मदद से 70 लाख अमेरिकी डॉलर कुछ दिनों के भीतर ‘गो फंड मी’ पर जुटाए और इसकी मदद से तालिबान से खतरे का सामना कर रहे, जितने लोगों को वो निकाल सकते थे, उन्हें निकालने की कोशिश शुरू की।

बुधवार को उनके मिशन ‘ऑपरेशन फ्लाईवे’ के जरिए एक निजी विमान से 51 लोगों को अफगानिस्तान से उगांडा ले जाया गया। इसका खर्चा ‘गो फंड मी’ अभियान ने उठाया। मार्कस ने अपने 8,32,000 फॉलोअर्स से इस अभियान के लिए धन देने की अपील की थी, जिसके बाद 1,21,000 से अधिक लोगों ने मदद के लिए राशि जमा की।

मार्कस ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया, ”यह आभार प्रकट करने से कहीं ज्यादा है कि उन्हें मुझ पर इतना विश्वास था कि वे उन्हें बड़ी राशि तक सौंपने को तैयार हो गए।” अमेरिका के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने ईमेल से जारी एक बयान में कहा कि मंत्रालय समुदाय स्तर पर की गई इस मदद की प्रशंसा करता है। हालांकि वे अभी इन प्रयासों की प्रामाणिकता और प्रभावशीलता की पुष्टि नहीं कर सके हैं।

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