हल्द्वानी: दूसरी जेलों में शिफ्ट होंगे बंदी, हल्द्वानी जेल में दबाव होगा कम
हल्द्वानी, अमृत विचार। हल्द्वानी उपकारागार में बंदियों के भारी दबाव को देखते हुए कुछ बंदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट करने की योजना है। इससे हल्द्वानी में बंदियों का दबाव कम होगा। बंदियों को नैनीताल और सितारगंज शिफ्ट किया जाएगा। हल्द्वानी जेल की क्षमता 384 बंदियों की है, लेकिन वर्तमान में जेल में 1550 बंदी …
हल्द्वानी, अमृत विचार। हल्द्वानी उपकारागार में बंदियों के भारी दबाव को देखते हुए कुछ बंदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट करने की योजना है। इससे हल्द्वानी में बंदियों का दबाव कम होगा। बंदियों को नैनीताल और सितारगंज शिफ्ट किया जाएगा।
हल्द्वानी जेल की क्षमता 384 बंदियों की है, लेकिन वर्तमान में जेल में 1550 बंदी हैं। डेढ़ माह पहले जेल में बंदियों की तादाद 18 सौ के पार पहु्ंच गई थी। यह आलम है कि जेल की 12 बैरकों में डेढ़ हजार से अधिक बंदियों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंस कर रखा जाता है। इससे जेल में अव्यवस्थाएं बनीं रहती हैं। इसके इतर जेल कर्मियों की भी कमी है। जेलर से लेकर बंदी रक्षकों के तमाम पद खाली चल रहे हैं।
इस समस्या को देखते हुए बंदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट किया जाएगा। इससे जेल में बंदियों का दबाव भी कम होगा। योजना है कि नैनीताल और रुद्रपुर से संबंधित बंदियों को नैनीताल और सितारगंज जेल शिफ्ट किया जाए। इससे पहले भी जेल प्रशासन गृह विभाग की सहमति से बंदियों को इन जेलों में शिफ्ट कर चुका है। इस संबंध में जेल प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर आईजी जेल को भेजा है।
जेल से बंदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट करने का प्रस्ताव भेजा है। बंदियों को नैनीताल और सितारगंज जेल शिफ्ट करने की योजना है। इससे हल्द्वानी जेल में दबाव कम होगा।
– सतीश सुखीजा, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, हल्द्वानी
