लखनऊ: एक गोली ने भेद दी सचिवालय सुरक्षा की ‘सख्त’ दीवार, खड़ा हुआ सवाल!
लखनऊ। बापू भवन में अपर मुख्य सचिव के निजी सचिव ने खुद को गोली मार ली। जिस परिसर में मंत्री तक अपने लाइसेंसी हथियार लेकर नहीं जा सकते। वहां एक निजी सचिव रिवाल्वर लेकर प्रवेश कर गया, इस बात ने सचिवालय सुरक्षा के सारे दावों पर सवाल खड़ा कर दिया है। अफसरों का दावा मानें …
लखनऊ। बापू भवन में अपर मुख्य सचिव के निजी सचिव ने खुद को गोली मार ली। जिस परिसर में मंत्री तक अपने लाइसेंसी हथियार लेकर नहीं जा सकते। वहां एक निजी सचिव रिवाल्वर लेकर प्रवेश कर गया, इस बात ने सचिवालय सुरक्षा के सारे दावों पर सवाल खड़ा कर दिया है। अफसरों का दावा मानें तो बापूभवन में सख्त सुरक्षा का घेरा है। बाकायदा पीएसी की तैनाती रहती है और नागरिक पुलिस के जवान भी डटे रहते हैं।
सचिवालय सुरक्षा के अधिकारी मंत्रियों को भी अपने साथ हथियार लेकर जाने की इजाजत नहीं दे सकते। केवल जेड प्लस सुरक्षाधारियों के अंगरक्षक ही सादी वर्दी में हथियार समेत प्रवेश पा सकते हैं, लेकिन उन्हें भी संबंधित मंत्री के साथ उनके कक्ष तक ही सीमित रहना पड़ता है। सामान्य लोगों का प्रवेश बिना पास और जांच के नहीं होता है। इस दावे से इतर सच्चाई देखें तो सचिवालय कर्मचारियों की गाड़ी प्रवेश होती है और उसमें हथियारों की कोई जांच नहीं होती है।
सचिवालय कर्मियों व सुरक्षाकर्मियों के अनेक जानकार बिना पास के भी भीतर प्रवेश कर लेते हैं और परिसर का भ्रमण करते हैं। सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद खतरनाक लापरवाही है। इसी लापरवाही का नतीजा इस हादसे के रूप में सोमवार को सामने आया। हालांकि बापू भवन के सचिवालय सुरक्षा के क्षेत्रीय निरीक्षक सुरेश पांडेय कहते हैं कि सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। निजी सचिव अपनी गाड़ी से अंदर आए थे।
भारी पड़ सकती है ये लापरवाही
सचिवालय में बगैर इजाजत हथियार लेकर यदि कोई प्रवेश पा सकता है तो यह सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है। जहां प्रदेश के सारे उच्चाधिकारी बैठते हों, मंत्री विधायकों का आवागमन निरंतर बना रहता हो, वहां ये लापरवाही कभी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकती है।
