बरेली: जबदस्ती से नहीं ली जाएंगी जमीन, किसान 170 बीघा भूमि देने को तैयार
बरेली, अमृत विचार। रामगंगानगर आवासीय परियोजना के विस्तारीकरण में किसानों की जमीन लेने को लेकर बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने यह साफ कर दिया गया है कि इस परियोजना के लिए किसी किसान से जोर-जबरदस्ती करके जमीन नहीं ली जाएगी, बल्कि जमीन अधिग्रहण के बजाय सहमति के आधार पर किसानों से केवल जमीन की खरीद …
बरेली, अमृत विचार। रामगंगानगर आवासीय परियोजना के विस्तारीकरण में किसानों की जमीन लेने को लेकर बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने यह साफ कर दिया गया है कि इस परियोजना के लिए किसी किसान से जोर-जबरदस्ती करके जमीन नहीं ली जाएगी, बल्कि जमीन अधिग्रहण के बजाय सहमति के आधार पर किसानों से केवल जमीन की खरीद अधिकतम चार गुना सर्किल रेट तक की जाएगी।
इसमें किसी किसान को आपत्ति होगी तो उसकी जमीन का क्रय नहीं होगा। बीडीए के अधिकारियों का कहना है कि लगभग 170 बीघा जमीन देने के लिए किसानों ने अपनी सहमति भी प्राधिकरण को दे दी है। बीडीए इस संबंध में जिलाधिकारी नितीश कुमार को पहले ही चिट्ठी जारी कर चुका है।
वर्ष 2004 के बाद अब बीडीए ने रामगंगा नगर आवासीय योजना के विस्तार की प्रक्रिया शुरू की है। बीडीए इसके लिए करीब 745 हेक्टेयर भूमि पर विस्तार करेगा। इसके लिए 12 गांवों के किसानों की जमीन ली जानी है। बीडीए की इस तैयारी के बाद बड़ी संख्या में किसान अपनी जमीन देने के विरोध में उतर आए हैं लेकिन बीडीए ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसानों की जमीनों का अधिग्रहण नहीं होगा, बल्कि वह चाहेंगे, तभी उनकी जमीन की खरीद होगी।
बीडीए के अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए भू-स्वामी किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि मंगलवार को जबदस्ती अधिग्रहण के डर से बड़ी संख्या में किसान मंडलायुक्त कार्यालय पर पहुंचकर हंगामा करते हुए काफी देर तक बवाल किया था। इससे एक सप्ताह पहले भी किसानों ने हंगामा किया था।
बीडीए की रामगंगानगर आवासीय योजना करीब 269 हेक्टेयर में फैली हुई है। बीडीए ने यह भूमि वर्ष 2004 में खरीदी थी। इस भूमि को बीडीए विकसित कर रहा है। इसके साथ ही अब बीडीए ने योजना के विस्तार के लिए आसपास के करीब 12 गांवों की भूमि भी चिह्नित की है। बीडीए को करीब 745.5 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। इस गांवों में चंदपुर बिचपुरी, डोहरिया, अब्दुलापुर माफी, कलारी, लालपुर, इटौआ बेनीराम, मोहनपुर उर्फ रामनगर, अहरौला, बालीपुर अहमद, नवदिया झादा, कचौली गांव शामिल हैं।
रामगंगानगर आवासीय परियोजना के विस्तार के लिए किसी किसान से जबरदस्ती भूमि नहीं ली जाएगी। भू-स्वामियों से सर्किल रेट से अधिकतम चार गुना तक खरीद की जा सकती है। करीब 170 बीघा जमीन की बिक्री करने के लिए किसान सहमत भी हो गए हैं। -जोगिंदर सिंह, बीडीए उपाध्यक्ष
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