बरेली: 300 बेड अस्पताल में मिनी एचएफएनसी लगाए

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बरेली, अमृत विचार। कोरोना के डेल्टा प्लस वैरियंट से बचाव को लेकर के लिए तीन सौ बेड अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए अब एचएफएनसी (हाई फ्लो नोजल कैनुअला) यूनिटों की भी बढ़ोतरी की जा रही है। अस्पताल प्रशासन सभी व्यवस्थाओं को चाक चौबंद करने में लगा हुआ है। डेल्टा प्लस वेरियंट संक्रमण की चपेट …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना के डेल्टा प्लस वैरियंट से बचाव को लेकर के लिए तीन सौ बेड अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए अब एचएफएनसी (हाई फ्लो नोजल कैनुअला) यूनिटों की भी बढ़ोतरी की जा रही है। अस्पताल प्रशासन सभी व्यवस्थाओं को चाक चौबंद करने में लगा हुआ है। डेल्टा प्लस वेरियंट संक्रमण की चपेट में आए लोगों को सबसे ज्यादा सांस लेने में दिक्कत होती है। उनका उपचार करने के लिए सामान्य ऑक्सीजन सिलेंडर के जरिए ऑक्सीजन की भरपाई की जाती है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इसकी चपेट में बच्चों से लेकर 18 साल तक के युवा आ सकते हैं। ऐसे में 15 साल तक के बच्चों के फेफड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए एचएफएनसी का उपयोग किया जा सकता है। बिजली से चलने वाली इस यूनिट की खासियत है कि इस पर लगे पुश बटन के जरिए इस पर लगी स्क्रीन की मदद से ऑक्सीजन के फ्लो को घटाया और बढ़ाया जा सकता है।

इस यूनिट का वजन भी हल्का है जिसे जरूरत पड़ने पर आसानी से एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक ले जाया जा सकता है। अस्पताल के पीकू वार्ड में लगे ऑक्सीजन पाइपलाइन से जोड़ कर इसका उपयोग किया जा सकता है। बच्चों के उपचार में यह यूनिट बेहद मददगार साबित होगी।

पीकू वार्ड में प्रशिक्षित स्टॉफ नर्स तैनात कीं
कोविड मरीजों के उपचार के लिए 300 बेड के पीकू वार्ड के अलग – अलग कक्षों में अब तक छह एचएफएनसी यूनिट लगाई गईं थी। जरूरत को देखते हुए अस्पताल प्रशासन के द्वारा सात नई यूनिटों को स्थापित कराया गया है। नई यूनिटों को पीकू वार्ड में ही बच्चों के उपचार के लिए स्थापित किया गया है। इसके संचालन के लिए अस्पताल के पीकू वार्ड में ट्रेंड स्टॉफ नर्सों को तैनात कर दिया गया है।

तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा मात्रा में एचएफएनसी यूनिटों को स्थापित कराया जा रहा है। सभी यूनिट को रोजाना चेक किया जाता है। इसके अलावा अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट को भी समय – समय पर संचालित किया जाता है। डा. पवन कपाही, सीएमएस, 300 बेड अस्पताल

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