काशीपुर: सूचना आयोग ने किया शासन के दो अधिकारियों का जवाब-तलब
काशीपुर, अमृत विचार। उत्तराखंड सूचना आयोग ने उत्तराखंड शासन के दो अधिकारियों के विरुद्ध धारा 20 के तहत पेनाल्टी और सेवा नियमों के तहत कार्यवाही की सिफारिश करने की कार्यवाही के संबंध में उनका जबाव तलब किया है। सूचना आयुक्त एनएस नपलच्याल ने यह आदेश सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन की उत्तराखंड शासन के खाद्य …
काशीपुर, अमृत विचार। उत्तराखंड सूचना आयोग ने उत्तराखंड शासन के दो अधिकारियों के विरुद्ध धारा 20 के तहत पेनाल्टी और सेवा नियमों के तहत कार्यवाही की सिफारिश करने की कार्यवाही के संबंध में उनका जबाव तलब किया है। सूचना आयुक्त एनएस नपलच्याल ने यह आदेश सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन की उत्तराखंड शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के विरूद्ध की गई अपील में किया गया है।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने उत्तराखंड शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के लोक सूचना अधिकारी से उत्तराखंड के राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला उपभोक्ता फोरम (अब उपभोक्ता आयोग) में अध्यक्ष सदस्यों के रिक्त पदों व उन्हें भरने के लिए कार्यवाही व इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन के संबंध में सूचनाएं मांगी।
इस पर लोक सूचनाधिकारी/अनु सचिव ने रिक्त पदों का विवरण उपलब्ध कराने के लिए तो सूचना प्रार्थनापत्र को निबंधक राज्य उपभोक्ता आयोग को हस्तांतरित कर दिया लेकिन शेष कार्यवाही आदि सभी बिंदुओं की कोई सूचना नहीं उपलब्ध कराई।
राज्य उपभोक्ता आयोग के लोक सूचना अधिकारी ने रिक्त पदों की सूचना उपलब्ध करा दी लेकिन शासन से संबंधित सूचना न उपलब्ध होने पर नदीम ने विभागीय अपीलीय अधिकारी को प्रथम अपील की, जिस पर कोई कार्यवाही आदेश व निर्णय और सूचना न मिलने पर उत्तराखंड सूचना आयोग को द्वितीय अपील की।
नदीम की द्वितीय अपील पर सुनवाई करते हुए सूचना आयुक्त एनएस नपलच्याल ने जहां आगामी सुनवाई से पूर्व वांछित सूचनाएं उपलब्ध कराने का आदेश दिया, वहीं तत्कालीन लोक सूचनाधिकारी/अनु सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले अनुभाग-2 अनिल कुमार पांडे का स्पष्टीकरण मांगा। वर्तमान में पांडे उपसचिव, शिक्षा विभाग हैं, उन्हें पक्षकार बनाकर आदेश कि प्रति उन्हें भी भेजी गयी है। वहीं नंदन सिंह डुंगरियाल, तत्कालीन विभागीय अपीलीय अधिकारी/संयुक्त सचिव का भी जवाब तलब किया गया है। दोनों अधिकारी आगामी सुनवाई की तिथि 2 नवंबर से पूर्व अपना स्पष्टीकरण आयोग को प्रेषित करेंगे।
