बरेली: अफसर परेशान, विधायक जी की सुनें या सांसद की
बरेली, अमृत विचार। गांव में ही आय, जाति समेत विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सहायकों की नियुक्ति चल रही है, लेकिन पंचायत भवनों के निर्माण में अनिमितताएं की शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही। कहीं जमीन का विवाद सामने आ रहा है तो कुछ …
बरेली, अमृत विचार। गांव में ही आय, जाति समेत विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सहायकों की नियुक्ति चल रही है, लेकिन पंचायत भवनों के निर्माण में अनिमितताएं की शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही। कहीं जमीन का विवाद सामने आ रहा है तो कुछ पंचायतों में पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रधान के कार्यकाल में बने भवनों को लेकर गांव वाले आमने सामने हैं।
आलम यह है एक पक्ष क्षेत्रीय विधायक से पैरवी कराता है तो दूसरा मंत्री व सांसद से अफसरों को फोन कराकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश में लगा है। इससे अफसर भी परेशान हैं। माननीयों के फेर में वह चाहकर भी निर्णय नहीं ले पा रहे। जिसके चलते कई ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों से संबंधित मामलों का निस्तारण नहीं हो पा रहा।
बता दें, जिले की 1193 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण किया जाना है। भोजीपुरा, नवाबगंज, शेरगढ़ समेत कुछ ब्लाकों की ग्राम पंचायातें में जमीन नहीं मिलने की वजह से पंचायत भवनों का निर्माण नहीं हो सका। इसके अलावा कुछ ग्राम पंचायतों में पूर्व प्रधानों के कार्यकाल में बने पंचायत भवनों को लेकर विवाद की स्थिति बनी है।
नए प्रधान अपने हिसाब से पंचायत भवन बनवाना चाहते हैं। पूर्व प्रधानों के कार्यकाल में बने भवनों के निर्माण में अनिमितताओं की शिकायत भी की जा रही है। रविवार को विकास भवन में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। बहेड़ी के एक गांव के आधा दर्जन ग्रामीण पहुंचे और पंचायत भवन के प्रस्ताव की मंजूरी की बात डीपीआरओ से कहने लगे। लेकिन राजनीतिक दखलअंदाजी की वजह से बात नहीं बन सकी।
डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अवकाश होने पर भी वह कार्यालय से संबंधित कुछ जरूरी कार्य निपटा रहे थे। कुछ लोग उनके पास पंचायत भवन से संबंधित शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन जगह का विवाद और प्रधान की सहमति नहीं मिलने पर उनको प्रकरण का निपटारा नहीं हो सका। इधर, सूत्र बताते हैं आगामी चुनाव में अपने पक्ष में माहौल बनाने की तैयारी को माननीय ग्राम प्रधान से लेकर ग्रामीणों की सिफारिश कर रहे हैं। कई ने तो अपने विधानसभा का जिक्र करते हुए लेटर पैड पर तक सिफारिश की है।
