रामपुर: बैंक के घोटालेबाज कर्मियों को नहीं मिली राहत, अग्रिम जमानत खारिज
रामपुर, अमृत विचार। जिला सहकारी बैंक के तीन घोटालेबाज कर्मचारियों को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों कर्मचारियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी हैं। बता दें कि बैंक की तीन शाखाओं में लाखों रुपये का गबन होने का मामला प्रकाश में आने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई …
रामपुर, अमृत विचार। जिला सहकारी बैंक के तीन घोटालेबाज कर्मचारियों को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों कर्मचारियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी हैं। बता दें कि बैंक की तीन शाखाओं में लाखों रुपये का गबन होने का मामला प्रकाश में आने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
जिला सहकारी की पुराना गंज, राजद्वारा और पटवाई शाखाओं में ग्राहकों के छह लाख सत्तर हजार रुपये बैंक कर्मचारियों ने आपस में साज बाज करके निरक्षर खाता धारकों के नाम से एटीएम जारी कराकर पैंसों को गबन कर लिया था। जिसके संबंध में 1 जुलाई 2021 को उपमहा प्रबंधक लेखा जिला सहकारी बैंक संजू गुप्ता ने कुमारी कुमुदनी श्रीवास्तव वरिष्ठ लेखा प्रबंधक योगेंद्र सिंह, लिपिक कैशियर सुनील कुमार मौर्या, देवेंद्र प्रताप सिंह, इन्तेसार उल्ला खां, हिमानी शर्मा के खिलाफ थाना गंज में मुकदमा दर्ज किया गया।
अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए सुनील कुमार मौर्या, योगेंद्र सिंह और देवेद्र प्रताप सिंह ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से जिला जज गौरव कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की। जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता अरुण प्रकाश सक्सेना ने दलील दी कि आरोपियों ने आपस में साज बाज करके खातेधारकों के छह लाख से अधिक रुपये हड़पे है।
लिहाजा आरोपियों की जमानत खारिज की जाए।जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि केस डायरी में उनके मुवक्किलों के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं है। लिहाज अग्रिम जमानत मंजूर की जाए।दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जिला जज गौरव कुमार श्रीवास्तव ने तीनों बैंक कर्मचारियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
सिविल पुलिस से विवेचना कॉपरेटिव सेल को ट्रांसफर
घोटालेबाज कर्मचारियों के मुकदमे की विवेचना थाना गंज, पटवाई में चल रही थी। लेकिन पुलिस इन विवेचनाओं में ज्यादा दिलचस्पी नहीं ले रही थी। इसको देखते हुए विवेचना कॉपरेटिव सेल को ट्रांसफर कर दी है। कुछ दिन पहले टीम ने यहां पर आकर अधिकारियों, कर्मचारियों और खाताधारकों के बयान दर्ज किए थे। सीसीटीवी कैमरें भी खंगाले गए थे। टीम बैंक के दस्तावेजों को अपने साथ लखनऊ लेकर चली गई है।
सबूत मिटाने के लिए बैंक कर्मचारियों ने कैमरे भी कर दिए थे खराब
विवेचना कर रही टीम ने सबूत एकत्र करने के लिए बैंकों में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देख थे। जिसमे अधिकतकर बैकों में कैमरे खराब थे। कई दिन रुकने के बाद टीम यहां से चली गई थी। बैंक की अन्य शाखाओं में भी घोटाले की आशंका पर जांच कराई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक अन्य शाखाओं में भी बड़े घपले हैं, जिन्हें बैंक प्रबंधन दबाने की कोशिश कर रहा है।
भाजपा सरकार में लगातार गिर रही जिला सहकारी बैंक की साख
किसी समय में देश की नबंर वन मानी जाने वाली जिला सहकारी बैंक की साख अब लगातार ग्राहकों की नजरों में गिर रही है। अधिकतर ग्राहक अपने पैसों को लेकर चिन्ता जाहिर कर रहे हैं। राजद्वारा, पुरानागंज, और पटवाई शाखा में जब से घोटालों की परतें खुली हैं। तब से लगातार लोग अपने खाते बंद कर रहे हैं। लेकिन बैंक प्रबंध तंत्र इस मामले में असहाय साबित होकर रह गया है। घोटाले दबाने के अलावा और कोई सुधार की व्यवस्था नहीं की जा रही है।
