रामपुर: चरस-गांजा बेचने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश
टांडा(रामपुर), अमृत विचार। चरस व गांजा बेचने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। गिरोह के 3 लोगों को 2.5 किग्रा चरस व 15 किग्रा गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल द्वारा जनपद में अपराधियों के विरूद्ध अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत क्षेत्राधिकारी के निर्देशन में …
टांडा(रामपुर), अमृत विचार। चरस व गांजा बेचने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। गिरोह के 3 लोगों को 2.5 किग्रा चरस व 15 किग्रा गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल द्वारा जनपद में अपराधियों के विरूद्ध अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत क्षेत्राधिकारी के निर्देशन में मंगलवार को कोतवाली पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान उत्तराखंड के नम्बर की स्कूटी से चरस व गांजा बेचने जाते हुए तीन लोगों को पकड़ा गया। अय्यूब पुत्र मास्टर मतलूब निवासी मोहल्ला भब्बलपुरी, रणजीत सिंह पुत्र विशन सिंह निवासी सिल्ली तल्ली थाना दुमाकोट जनपद पौड़ी गढ़वाल उत्तराखण्ड, रघुवीर पुत्र हर्षित निवासी ग्राम सक्कनपुर जनपद नैनीताल को ठंडी सड़क स्थित स्लेटर हाऊस के पास से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने अय्यूब के कब्जे से 2.5 किलो चरस, रणजीत सिंह के कब्जे से 7.5 किलो गांजा तथा युवक रघुवीर के कब्जे से 7.5 गांजा बरामद किया। गिरफ्तार युवक अय्यूब पर इससे पहले वर्ष 2012-2016 में थाना टांडा व साल 2020 में थाना शहजादनगर में एनडीपीएस में मामले दर्ज हैं। पुलिस द्वारा अन्य पकड़े गए युवकों के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।
पुलिस ने गिरफ्तार युवक अय्यूब से पूछताछ की तो अय्यूब ने बताया कि वह पिछले पांच वर्षों से चोरी छिपे गांजा व चरस बेचने का काम कर रहा है। पूर्व में कई बार जेल भी जा चुका है। चरस व गांजा जनपद पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखण्ड) से पूरन से सस्ते दामों के हिसाब से खरीदकर उसकी करीब 40 पुड़िया बनाकर नशे के लिए नवयुवकों को खरीद से डेढ़ गुना ज्यादा रुपयों में बेचता है। रणजीत व रघुवीर द्वारा माल सप्लाई किया जाता है। माल के बदले में वह कुछ पैसे नकद देता है। कुछ खाते में ट्रांसफर कर देता है। रघुवीर और रणजीत ने बताया कि पूरन और वह दोनों मिलकर काम करते हैं तथा स्कूटी से माल लेकर पूरन के कहने पर अय्यूब को देने के लिए आए थे।
माल के बारे पूछने पर बताया कि वह लोग अपने खेतो में चोरी छिपे गांजा एंव भांग को उगाते हैं। वहीं से काटकर सुखाकर गांजा एवं भांग के रूप मे बेचते हैं तथा इसी माल मे कूटर गोंद एंव काला रंग मिलाकर चरस भी तैयार करते है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
