अमरोहा: वारयल बुखार का प्रकोप बढ़ा, अस्पतालों में भीड़
अमृत विचार, अमरोहा। बदलते मौसम के साथ वायरल बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। बुखार से करहाते और खांसते हुए मरीज अस्पतालों में इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी और दवाई लेने वाले मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। इसके अलावा गंभीर …
अमृत विचार, अमरोहा। बदलते मौसम के साथ वायरल बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। बुखार से करहाते और खांसते हुए मरीज अस्पतालों में इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी और दवाई लेने वाले मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। इसके अलावा गंभीर मरीजों को इलाज के लिए वार्ड में भर्ती भी किया जा रहा है। यहां तक कि जिला अस्पताल के सभी वार्ड फुल हो चुके हैं।
जिला अस्पताल में जनरल वार्ड में 30 बेड हैं। जो वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों से भरे चल रहे हैं। रोजाना कम से कम 20 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती किए जा रहे हैं। करीब 100-200 मरीज जिला अस्पताल में बनी ओपीडी में पहुंच रहे हैं। जिसमें खांसी, सर्दी एवं वायरल बुखार के अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। लूज मोशन व डायरिया से पीड़ित मरीज भी इलाज के लिए आ रहे हैं। सबसे ज्यादा सर्दी, बुखार और बदन दर्द की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं।
यदि अस्पताल प्रशासन के आंकड़ों पर गौर किया जाये तो पिछले दो सप्ताहों से बुखार के सबसे अधिक मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। जबकि, कितने बुखार से ग्रसित मरीज अपना इलाज निजी चिकित्सकों के यहां करा रहे हैं। फिलहाल, सरकारी अस्पताल में वायरल बुखार से संबंधित दवाओं के उपलब्ध रहने से मरीज काफी राहत महसूस कर रहे हैं। वहीं मंगलवार को करीब 50 से अधिक वायरल बुखार से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल में पहुंचे जिनमें से 10 गम्भीर मरीजों को वार्ड में भर्ती कराया गया।
युवाओं में अधिक हो रहा वायरल फीवर
सीएमएस डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि वायरल फीवर अधिकतर युवाओं व घर से बाहर निकलकर अधिक घूमने वालों में देखा जा रहा है। घर के अंदर रहने वाले लोग इसमें अधिक सुरक्षित हैं। उनको बीमारी नहीं हो रही है। इसलिए ,लोगों को बाहर घूमने से परहेज करना चाहिए। लक्षण दिखने पर सबसे पहले कोरोना की जांच हर किसी को जरूर करा लेनी चाहिए। इसके बाद लक्षण के अनुसार ही दवा लेनी चाहिए। चिकित्सक से परामर्श के बाद ही दवा का सेवन करना चाहिए।
मौसम में हो रहे बदलाव के चलते लोग वायरल बुखार के चपेट में आ रहे हैं। गम्भीर मरीजों को वार्ड ने भर्ती कराया जा रहा है। परामर्श के बाद मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जनरल वार्ड फुल होने पर जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाकर उनके इलाज के लिए व्यवस्था की गई है। -अनिल कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल
