बरेली: दो मरीजों में मलेरिया की पुष्टि व एक निकला डेंगू संदिग्ध, 12 घरों निकला लार्वा
बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल की ओपीडी में वायरल बुखार के दो मरीजों की जांच में प्लाज्मोडियम वाईवैक्स व एक मरीज में डेंगू के लक्षणों में संदिग्धता की पुष्टि हुई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार डेंगू के संदिग्ध लक्षणों वाले मरीज में डेंगू की पुष्टि करने के लिए लखनऊ सैंपल भेजा जाएगा। जिला अस्पताल प्रशासन …
बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल की ओपीडी में वायरल बुखार के दो मरीजों की जांच में प्लाज्मोडियम वाईवैक्स व एक मरीज में डेंगू के लक्षणों में संदिग्धता की पुष्टि हुई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार डेंगू के संदिग्ध लक्षणों वाले मरीज में डेंगू की पुष्टि करने के लिए लखनऊ सैंपल भेजा जाएगा।
जिला अस्पताल प्रशासन के अनुसार मंगलवार को पैथोलॉजी में 78 लोगों की जांच हुई। जिसमें दो लोगों में प्लाज्मोडियम वाईवैक्स की पुष्टि हुई है। जबकि डेंगू के रैपिड कार्ड की 19 लोगों की जांच हुई, जिसमें से एक रैपिड कार्ड की पुष्टि हुई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार ओपीडी में करीब 850 लोगों का पंजीकरण हुआ।
वायरल बुखार के खतरे को देखते हुए मंडलीय अपर निदेशक एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. सुबोध शर्मा ने सभी फिजीशियनों से बुखार की तैयारियों को लेकर बातचीत की गई। इस दौरान उन्होंने ओपीडी में आने वाले संदिग्ध मरीजों की पैथोलॉजी जांच व अन्य जांचे कराने के बाद रिपोर्ट करने को लेकर निर्देश दिए हैं।
एलाइजा मशीन को लेकर किया गया पत्राचार
जिला अस्पताल में बीते दो साल से खराब पड़ी एलाइजा रीडर मशीन को लेकर शासन को मंगलवार को भी पत्राचार किया गया है। बता दें कि एलाइजा रीडर में डेंगू की पुष्टि होने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग मरीज में डेंगू की पुष्टि करता है। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
शासन की ओर से नई मशीन को लेकर भी पत्र लिखा जा चुका है। वर्तमान में ओपीडी में मरीजों की जांच के लिए आने वाले खून के नमूनों की जांच डेंगू के रैपिड कार्ड से जांच की जाती है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार तीनों ही मरीज फिजिशियन के पास बुखार, शरीर दर्द, जुकाम, खांसी की शिकायत लेकर आए थे। फिजिशियन ने बताया कि संदिग्ध लक्षणों के आधार पर खून के नमूने पैथोलॉजी में दिए गए थे।
बच्चा वार्ड में भर्ती बच्चे को लखनऊ किया रेफर
बच्चा वार्ड में बुखार, उल्टी दस्त की शिकायत को लेकर भर्ती किए बच्चे की हालत गंभीर होने पर बाल रोग विशेषज्ञ ने उसको लखनऊ रेफर कर दिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार बच्चे की स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। हालांकि तीमारदारों की ओर से बताया गया कि बच्चे की स्थिति पहले से बेहतर है। तीमारदारों ने इस दौरान डाक्टर पर तीन दिन से न देखने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से ये बात खारिज की गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार बाल रोग विशेषज्ञ की तबीयत खराब होने पर उन्होंने अवकाश लिया है, इस दौरान जिला महिला अस्पताल से पीड्रियाट्रिशियन को बुलाकर गंभीर बच्चों को उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
पहले दिन 12 घरों में मिला डेंगू का लार्वा, डोमेस्टिक ब्रीडर्स चेकर्स ने किया नष्ट
मलेरिया विभाग की ओर से डोमेस्टिक ब्रीडर्स चेकर्स ने मंगलवार को शहरी क्षेत्र में अति संवेदनशील क्षेत्र सुभाष नगर में टीमे लगाई गईं। जिला मलेरिया अधिकारी डा. डीआर सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में सुभाष नगर क्षेत्र में 20-22 मामले डेंगू के निकले थे। शहरी क्षेत्र में डोमेस्टिक ब्रीडर्स चेकर्स ने सुभाष नगर क्षेत्र में लार्वा नष्ट करने के अभियान की शुरुआत की।
इस दौरान डोमेस्टिक ब्रीडर्स चेकर्स ने 1174 घरों का सर्वेक्षण किया। टीम को 12 घरो में डेंगू का लार्वा मिला। जिसको टीम ने नष्ट किया। डोमेस्टिक ब्रीडर्स चेकर्स ने इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में टीमों ने घर-घर जाकर डेंगू के लार्वा को नष्ट किया गया।
