बाराबंकी: अधिवक्ता हत्याकांड का खुलासा, पत्नी सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
बाराबंकी। कोतवाली नगर पुलिस ने 4 सितम्बर की रात को हुए अधिवक्ता कुलदीप हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए पुलिस ने पत्नी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयोग किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। 72 घंटे के अंदर घटना का खुलासा करके प्रभारी निरीक्षक ने जहां जमकर …
बाराबंकी। कोतवाली नगर पुलिस ने 4 सितम्बर की रात को हुए अधिवक्ता कुलदीप हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए पुलिस ने पत्नी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयोग किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। 72 घंटे के अंदर घटना का खुलासा करके प्रभारी निरीक्षक ने जहां जमकर वाहवाही लूटी है वहीं दूसरी तरफ अधिवक्ताओं के बढ़ते आक्रोश को भी शांत करने में सफल रहे। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने इस गुडवर्क से खुश होकर पूरी पुलिस टीम को बधाई दी है।
जानकारी के अनुसार, थाना सफदरगंज क्षेत्र के ग्राम छेदा का पुरवा मजरे पण्डरा निवासी कुलदीप रावत पुत्र रामसजीवन रावत (बाराबंकी न्यायालय में अधिवक्ता) की लाश 5 सितंबर की सुबह लखनऊ फैजाबाद हाइवे के किनारे स्थित भाजपा कार्यालय के पीछे ग्रामीणों ने देखी थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना मृतक के परिजनों को दी थी। जिस पर मृतक के भाई शिवदीप रावत ने कोतवाली नगर में जा कर अज्ञात हत्यारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।
लाश को देखने से लग रहा था कि हत्यारों ने बड़ी बेदर्दी से किसी धारदार हथियार से हमला किया है। उक्त घटना की सूचना पर मौके पर पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद व अन्य अधिकारी भी गए थे। साथी अधिवक्ता की हत्या की सूचना पर बार एसोसिएशन बाराबंकी के अधिकांश अधिवक्ता आक्रोशित हो गए थे और हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक को चेतावनी भी दी थी। वहीं मृतक की मां ने अपनी बहू पर ही हत्या की आशंका व्यक्त की थी। उक्त घटना के बाद से कोतवाली नगर प्रभारी अमर सिंह व सर्विलांस प्रभारी अक्षय कुमार आदि लोग सक्रिय हो गए थे।
बुधवार सुबह प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ छापा मार के थाना मसौली के ग्राम लक्षी का पुरवा मजरे डडियामऊ निवासी मंटू वर्मा उर्फ विवेक पुत्र राकेश वर्मा कोतवाली नगर के ग्राम शुक्लाई निवासी पंकज यादव पुत्र अम्बिका प्रसाद यादव और मृतक की पत्नी रीता उर्फ लक्ष्मी को गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक ने इन लोगों की निशादेही पर घटना में प्रयोग किया गया खून से लथपथ चाकू भी बरामद किया।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने घटना का खुलासा करते हुए जानकारी दी कि मृतक कुलदीप की शादी करीब 8 साल पहले लक्ष्मी से हुई थी। लक्ष्मी को एक चार साल का पुत्र भी है। मृतक की पत्नी लक्ष्मी ने कोतवाली नगर के मोहल्ला आजाद नगर में दो साल पूर्व लक्ष्मी ब्यूटी पार्लर की दुकान खोल रखी थी। उसके साथ में उसकी चचेरी ननंद भी काम करती थी।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि पड़ोस में मंटू टेण्ट एण्ड लाइट हाउस चलाने वाले विवेक वर्मा निवासी लक्षी का पुरवा मजरे डडियामऊ के साथ अवैध सम्बन्ध हो गये थे। जिस वजह से पति-पत्नी के बीच आए दिन झगड़ा हुआ करता था। आलम यह था कि कोई भी व्यक्ति अगर विवेक के दुकान पर टेण्ट और लाइट की बात करने जाता था तो उसके साथ में विवेक लक्ष्मी ब्यूटी पार्लर का भी दुल्हन सजाने के लिए आर्डर बुक कर लेता था। इसी वजह से दोनों लोगों के बीच काफी नजदीकियां आ गईं थी।
पुलिस अधीक्षक ने आगे जानकारी दी कि विवेक मृतक की पत्नी लक्ष्मी से शादी करने का दबाव बना रहा था। जिस पर लक्ष्मी यह कहती थी कि अपने पति से तलाक ले लूं उसके बाद हम लोग शादी कर लेंगे। जब तलाक की बात लक्ष्मी ने अपने पति से की तो उसने तलाक देने से इंकार कर दिया। इसी बात को ले कर विवेक ने कुलदीप को रास्ते से हटाने का मन बना लिया था। पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि घटना वाली रात 4 सितंबर मंटू वर्मा और लक्ष्मी ने पड़ोस में मोबाइल दुकान खोलने वाले पंकज कुमार यादव निवासी ग्राम शुक्लाई को भी पैसों का लालच देकर इस योजना में शामिल कर लिया था।
योजना के तहत पंकज यादव ने रात 8:30 बजे फोन करके कुलदीप को भाजपा कार्यालय के पीछे बुलाया था। वहीं पर अपनी बाइक लेकर कुलदीप जब पहुंचा तो पंकज ने कुलदीप को बातों में उलझा लिया और उधर पहले से ही घात लगाकर बैठे विवेक वर्मा ने चाकू से कुलदीप पर हमला करके घायल कर दिया।
कुलदीप ने अपनी बाइक लेकर भागने की कोशिश की लेकिन बाइक स्टार्ट नहीं हुई इसके बाद मंटू ने कुलदीप की हत्या कर दी और वहां से भाग निकला। रात को ही फोन करके मंटू उर्फ विवेक ने कुलदीप की पत्नी को पूरी घटना की जानकारी दे दी। उसके बाद जब लाश दूसरे दिन ग्रामीणों ने देखी तो यह लगने लगा कि किसी ने उसकी हत्या कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने इस घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को बधाई दी है।
