राहुल ने की नीट प्रवेश परीक्षा टालने की मांग, केंद्रीय शिक्षा मंत्री बोले- वह ‘छद्म विशेषज्ञ और गलतफहमी के शिकार’
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने राहुल गांधी की नीट प्रवेश परीक्षा टालने की मांग पर पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि कांग्रेस नेता एक ‘छद्म विशेषज्ञ’ हैं जो अति महत्वाकांक्षी और अपनी समझ को लेकर गलतफहमी के शिकार हैं। प्रधान ने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर राहुल का बयान उच्चतम …
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने राहुल गांधी की नीट प्रवेश परीक्षा टालने की मांग पर पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि कांग्रेस नेता एक ‘छद्म विशेषज्ञ’ हैं जो अति महत्वाकांक्षी और अपनी समझ को लेकर गलतफहमी के शिकार हैं। प्रधान ने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर राहुल का बयान उच्चतम न्यायालय एवं विशेषज्ञों की बुद्धिमत्ता पर सवाल उठाना है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि युवराज को झूठ गढ़ने में महारत हासिल है और उन्हें वहीं तक सीमित रहना चाहिए और ऐसे विषयों पर बयान नहीं देना चाहिए जो उनकी समझ से परे हैं। शिक्षा मंत्री प्रधान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को स्थगित करने की मांग करते हुए मंगलवार को कहा था कि छात्रों को एक निष्पक्ष मौका मिलना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया था कि भारत सरकार को छात्रों की परेशानी नहीं दिख रही है। नीट परीक्षा को स्थगित करिये। छात्रों को निष्पक्ष मौका दीजिये।
सोमवार को उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) को टालने से इनकार करते हुए कहा था कि वह प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता और इसकी तारीख में बदलाव करना ‘अनुचित’ होगा। नीट-यूजी 12 सितंबर को होनी है। वहीं धर्मेन्द्र प्रधान ने राहुल गांधी के बयान पर ट्वीट करते हुए कहा, ” किसी विषय की रत्ती भर जानकारी नहीं होने के बावजूद राहुल गांधी खुद को सभी विषयों का विशेषज्ञ समझते हैं।
अति महत्वाकांक्षी और अपनी समझ को लेकर गलतफहमी के शिकार युवराज को निर्धारित परीक्षा कार्यक्रम में बीच में टांग अड़ाने तथा छात्रों को अनावश्यक तनाव देने एवं परेशान करने का कोई अधिकार नहीं है।” शिक्षा मंत्री ने कहा कि यहां तक कि उच्चतम न्यायालय ने नीट परीक्षा पुन: निर्धारित करने संबंधी याचिका को स्वीकार नहीं किया और इसे आगे बढ़ाने को बड़ी संख्या में छात्रों के लिये अनुचित बताया। उन्होंने कहा, ” राहुल गांधी एक छद्म विशेषज्ञ हैं, जो पीठ और विशेषज्ञों की सामूहिक बुद्धिमता पर सवाल उठा रहे हैं।”
यह भी पढ़ें-
असम: ब्रह्मपुत्र नदी में दो नौकाओं की टक्कर, 120 यात्रियों के डूबने की आशंका, सीएम ने जताया दुख
