बरेली: बेटे-बहू ने किया मकान पर कब्जा, बेघर हो गया ‘बागवां’

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बरेली, अमृत विचार। जिस बेटे की तबीयत खराब होने पर मां-बाप ने रात-रात भर जागकर उसके ठीक होने की दुआ की। बुढ़ापा आया तो उस बेटे को उनकी दो वक्त की रोटी खलने लगी। बेटे-बहू ने बुजुर्ग मां-बाप को उनके ही घर से निकाल दिया। आज घर जाने पर जान से प्यारा बेटा और बहू …

बरेली, अमृत विचार। जिस बेटे की तबीयत खराब होने पर मां-बाप ने रात-रात भर जागकर उसके ठीक होने की दुआ की। बुढ़ापा आया तो उस बेटे को उनकी दो वक्त की रोटी खलने लगी। बेटे-बहू ने बुजुर्ग मां-बाप को उनके ही घर से निकाल दिया। आज घर जाने पर जान से प्यारा बेटा और बहू बुजुर्ग माता-पिता को गालियां देते हैं।

अपने ही बेटे से दो वक्त की रोटी के लिए बुजुर्ग दंपति को न्याय की गुहार लगानी पड़ रही है। ऐसे न जाने कितने ‘बागवां’ अपनों से हार कर गुमनाम की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। बुधवार को बुजुर्ग दंपति की आपबीती सुनकर एसएसपी ने किला पुलिस को उनकी मदद करने के निर्देश देते हुए आरोपी बेटे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

एसएसपी कार्यालय में बुधवार की दोपहर एक बुजुर्ग दंपति एक-दूसरे का हाथ थामे पहुंचे। फूली हुई सांसें और कंपकपाती आवाज में बुजुर्ग एसएसपी के सामने बिना कुछ कहे रोने लगा। पत्नी उन्हें संभालते हुए खुद भी रोना शुरू कर देती है। सिसकियों के बीच में बुजुर्ग ने अपना नाम शिव हरी रस्तोगी बताया। वह किला के मलूकपुर का रहने वाला है। उसका एक बेटा और एक बेटी है। बेटे की शादी बुजुर्ग ने धूमधाम से की थी।

शादी के कुछ महीने तक सब ठीक रहा, लेकिन उसके बाद बहू ने उनके साथ जो व्यवहार किया, उससे आहत होकर वे सन्न रह गए। बहू मर्दों की तरह उन्हें गालियां देती है। उन्हें उनके ही मकान से निकाल दिया गया है। वे पेट पालने के लिए उत्तराखंड के काशीपुर में किराये के मकान में रहकर मजदूरी करते हैं। अब शरीर जबाव दे चुका है और सांस न जाने कब साथ छोड़ दे। ऐसे में अगर उन्हें उनका मकान मिल जाता तो बुढ़ापा कुछ चैन से कट जाता है। लेकिन बेटा-बहू उन्हें उनके ही मकान में नहीं रहने दे रहे हैं।

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