बरेली: 25 रेडियोलाजिस्ट के नाम पर जिले में 49 अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत, 5 पर होगी कार्रवाई

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। अल्ट्रासाउंड सेंटरों के रजिस्ट्रेशन में सीएमओ कार्यालय में जमकर गड़बड़ी हुई। नियमों को ताक पर रखकर उनका पंजीकरण किया और अब खुलासा होने के बाद मामले में पल्ला झाड़ने की कोशिश शुरू हो गई है। बरेली, बिजनौर, वाराणसी और कानपुर के रेडियोलाजिस्ट डाक्टरों के नाम पर जिले में दो-दो अल्ट्रासाउंड सेंटरों का …

बरेली, अमृत विचार। अल्ट्रासाउंड सेंटरों के रजिस्ट्रेशन में सीएमओ कार्यालय में जमकर गड़बड़ी हुई। नियमों को ताक पर रखकर उनका पंजीकरण किया और अब खुलासा होने के बाद मामले में पल्ला झाड़ने की कोशिश शुरू हो गई है। बरेली, बिजनौर, वाराणसी और कानपुर के रेडियोलाजिस्ट डाक्टरों के नाम पर जिले में दो-दो अल्ट्रासाउंड सेंटरों का पंजीकरण कर लिया गया।

इतना ही नहीं, पंजीकरण के दौरान यह जानने की कोशिश तक नहीं की कि डाक्टर के नाम पर पहले कितने अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत हैं। शुरूआती जांच में 25 रेडियोलाजिस्ट के नाम पर जिले में पंजीकृत 49 अल्ट्रासाउंड सेंटर की सूची बनाई गई है और उनकी जांच की जा रही है।

अल्ट्रासाउंड और पैथोलाजी सेंटरों के पंजीकरण में जमकर मनमानी होती है। एक ही रेडियोलाजिस्ट के नाम पर जिले में दो और अधिक अल्ट्रासाउंड सेंटरों का रजिस्ट्रेशन हो गया है। इतना ही नहीं, दूसरे जनपद के रेडियोलाजिस्ट के नाम पर भी जिले में 40 से अधिक अल्ट्रासाउंड सेंटर चल रहे हैं। बीते दिनों डा. एपी जैम्स के नाम पर चल रहे 28 अल्ट्रासाउंड सेंटरों का खुलासा होने के बाद इस बड़े गोरखधंधे की परत उखड़ने लगी है।

पता चला है कि डा. एपी जेम्स के नाम से बरेली जिले में भी एक अल्ट्रासाउंड सेंटर चल रहा था जिसे बीते दिनों ही बंद कराया गया है। इतना ही नहीं, जिले में 25 डाक्टरों के नाम पर चल रहे 49 अल्ट्रासाउंड सेंटरों का रजिस्ट्रेशन संदिग्ध हैं और सीएमओ के निर्देशन में जांच की जा रही है।

शपथ-पत्र को बनाया कवच
अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर के रजिस्ट्रेशन में शपथ पत्र को कवच की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था। बिजनौर, वाराणसी, अलीगढ़, कानपुर में जिन डाक्टरों के नाम अल्ट्रासाउंड सेंटर चल रहे थे, उनसे भी सीएमओ कार्यालय में शपथ पत्र लिया गया था कि यहां सेंटर पर वह मरीजों की जांच करेंगे। जबकि इतनी दूरी से रोजाना जांच करने आना बेहद मुश्किल काम था।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार डा. एपी जेम्स के साथ ही डाक्टर एमके वार्ष्णेय, डा. रफीक अहमद, डा. जमशेद रईस, डा. आलोक गुप्ता के नाम पर जिले में कई सेंटर चल रहे हैं। इनके दूसरे जनपद में भी सेंटर चल रहे हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग डा. आलोक गुप्ता, डा. मोहम्मद असलम, डा. आरिफ रसूल, डा. ब्रज किशोर, डा. आरके मिश्रा, डा. प्रमोद, डा. रौनक, डा. दीपांशु, डा. मधु के नाम पर चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच कर रहा है।

पांच अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कार्रवाई की तैयार हो रही रिपोर्ट
दूसरे जिलों के रेडियोलॉजिस्ट के नाम पर खुले अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर शिकंजा कसना शुरु हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआती जांच के बाद पांच अल्ट्रासाउंड केंद्रों को पूरी तरह अवैध मानते हुए इनको बंद करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। नोडल अधिकारी के अनुसार अल्ट्रासांउड केंद्रों को कार्रवाई करते हुए सील कर प्रशासन को रिपोर्ट किया जाएगा।

बीते दिनों विभाग ने चार अल्ट्रासाउंड केंद्रों को बंद कराया था। स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे जिलों के 12 रेडियोलॉजिस्ट डाक्टरों को नोटिस भेजा है। जांच के दौरान दूसरे जिलों के 25 डाक्टरों का नाम सामने आया है, जिनके नाम से अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हो रहे हैं।

पांच अल्ट्रासाउंड के पंजीकरण संचालन में अनियमितता की शिकायत मिली है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अवैध तरीके से चल रहे अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सील किया जाएगा, वहीं अन्य के खिलाफ जांच की जा रही है। -डा. आरएन गिरी, नोडल अधिकारी, पीसीपीएनडीटी ।

संबंधित समाचार