पीलीभीत से बरेली जिला अस्पताल रेफर किया संदिग्ध डेंगू मरीज
बरेली, अमृत विचार। जिले में डेंगू के दो मामले निकलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं, दूसरे जिलों से भी मरीजों को रेफर कर जिला अस्पताल में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला शनिवार को जिला अस्पताल में सामने आया है। जहां पीलीभीत …
बरेली, अमृत विचार। जिले में डेंगू के दो मामले निकलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं, दूसरे जिलों से भी मरीजों को रेफर कर जिला अस्पताल में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला शनिवार को जिला अस्पताल में सामने आया है। जहां पीलीभीत के रहने वाले युवक को निजी लैब की रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव आने के बाद बरेली जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल डाक्टरों ने युवक की हालत नियंत्रण में बताई है।
पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील के शेरपुर कलां गांव निवासी अफाक खां ने बताया कि चार दिन पहले बुखार, बदन दर्द होने पर स्थानीय निजी लैब में खून की जांच कराई। जिसमें एनएस-1 कार्ड पॉजिटिव आया। जिस पर उसं स्थानीय सीएचसी से पीलीभीत जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पीलीभीत जिला अस्पताल में डाक्टरों ने बिना प्राथमिक उपचार के बरेली रेफर कर दिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार अफाक को गुरुवार को रेफरल लेटर के आधार पर डेंगू संदिग्ध मानते हुए डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया।
फिजिशियन की ओर से प्राथमिक उपचार शुरु कर एनएस-1 कार्ड से डेंगू की जांच की गई। जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। एहतियातन के तौर पर अफाक का एलाइजा टेस्ट के लिए सैंपल भेज दिया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार अफाक की स्थिति पहले से बेहतर है। भर्ती के समय अफाक के 27 हजार प्लेटलेट्स थे, जो लगातार बढ़ रहे है। वहीं, डेंगू वार्ड में वर्तमान में पांच मरीज भर्ती है, जिनमें से दो प्लाज्मोडियम वाईवैक्स के व तीन संदिग्ध डेंगू व मलेरिया के मरीज भर्ती है।
आधे दिन की ओपीडी के बाद इमरजेंसी में भर्ती किए गए बुखार के मरीज
द्वितीय शनिवार होने के चलते जिला अस्पताल की ओपीडी दोपहर बारह बजे तक ही रही। इस दौरान 350-400 मरीजों को परामर्श दिया गया। वहीं, ओपीडी बंद होने के बाद बुखार से पीड़ित मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में उपचार दिया गया। इस दौरान हालत बेहद गंभीर होने पर मरीजों को वार्ड में भर्ती भी किया गया। परौरा गांव निवासी रोशनलाल ने बताया कि उनके भतीजे हेमेंद्र को छह दिन से बुखार की शिकायत थी।
बुखार आने पर सीएचसी पर दिखाया, वहां लाभ न होने पर बिना देरी किए ही जिला अस्पताल ले आए। ओपीडी बंद होने पर ईएमओ ने हेंमेंद्र की स्थिति को देखते हुए फौरन उसे भर्ती किया। वहीं, स्टाफ की ओर से फिजिशियन को सूचित करने के बाद फिजिशियन ने हेंमेंद्र का उपचार शुरु किया।
