बरेली: चार्जिंग स्टेशन पर एक सप्ताह में पूरा होगा बिजली कनेक्शन का काम
बरेली, अमृत विचार। इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन के लिए स्वालेनगर में निर्माणाधीन चार्जिंग स्टेशन की बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। बिल्डिंग के बाहर मैदान में इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई जा रही है। एक सप्ताह में अधिकारी बिजली का कनेक्शन पूरा कराने का दावा कर रहे हैं। उम्मीद है कि सिंतबर अंत तक बसों का …
बरेली, अमृत विचार। इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन के लिए स्वालेनगर में निर्माणाधीन चार्जिंग स्टेशन की बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। बिल्डिंग के बाहर मैदान में इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई जा रही है। एक सप्ताह में अधिकारी बिजली का कनेक्शन पूरा कराने का दावा कर रहे हैं। उम्मीद है कि सिंतबर अंत तक बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
शहर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारियां तेज हो गई हैं। स्मार्ट शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। शहर में बसों का संचालन परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस संयुक्त रूप से करेंगे। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत स्वालेनगर में बन रहे चार्जिंग स्टेशन बसें भी खड़ी होंगी। फिर शहर में इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। जिसको लेकर लखनऊ से बिजली अधिकारियों को जल्द बिजली कनेक्शन करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
एसडीओ किला जसीम अख्तर ने बताया कि स्वालेनगर में ही सेपरेट फीडर बनाकर सीबीगंज उपकेंद्र से बिजली सप्लाई की जाएगी। इसको लेकर बिजली की अंडरग्राउंड केबिल बिछाने का काम भी अंतिम चरण में है। एक सप्ताह में कनेक्शन के बाद मीटर लगा दिया जाएगा।
1665 केवीए के ट्रांसफार्मर को लगाकर सीबीगंज उपकेंद्र से बिजली मुहैया कराई जाएगी। लाइन बनाकर देने का काम हमारी तरफ से एक सप्ताह में पूरा कर दिया जाएगा। इसको लेकर स्मार्ट सिटी कंपनी ने पैसा भी जमा कर दिया है। -विकास सिंघल, शहर विद्युत अधीक्षण अभियंता
56 सीटर होगी बस
इलेक्ट्रिक बसों में एक बार में 56 सवारियां बैठ सकेंगी। इन बसों का स्टॉपेज तय करने की जिम्मेदारी आरएम रोडवेज को सौंपी गई है। वह किराया भी तय करेंगे। वातानुकूलित बसों का संचालन शुरू होने के बाद शहर के अंदर एक जगह से दूसरी जगह जाना सुलभ होगा।
बसों के रूट और किराये को लेकर मंथन जारी
स्मार्ट सिटी के तहत शासन ने बरेली में 25 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की मंजूरी दी है। पिछले दिनों इलेक्ट्रिक बसों के तीन रूट तय किए गए थे। रूट तय करने के बाद उसकी रिपोर्ट मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त अभिषेक आनंद को दी गई थी। दोनों अधिकारियों ने तय किए गए रूट को निरस्त कर दिया लेकिन अभी तक दोबारा से नया रूट और किराया तय नहीं किया है। जिसको लेकर मंथन जारी है।
