लखनऊ: बैंकों से धोखाधड़ी करने वाले दो जालसाजों को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
लखनऊ। बैंकों के साथ धोखाधड़ी कर ठगी करने वाले दो शातिर जालसाजों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। एसबीआई कार्ड की तरफ से दर्ज कराई गई शिकायत पर एसटीएफ नोएडा यूनिट मामले की जांच में जुटी थी। जांच के दौरान एसटीएफ ने 10 सितंबर को अभिषेक चन्द्रा व विकान्त कुमार चौधरी से इस मामले में …
लखनऊ। बैंकों के साथ धोखाधड़ी कर ठगी करने वाले दो शातिर जालसाजों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। एसबीआई कार्ड की तरफ से दर्ज कराई गई शिकायत पर एसटीएफ नोएडा यूनिट मामले की जांच में जुटी थी। जांच के दौरान एसटीएफ ने 10 सितंबर को अभिषेक चन्द्रा व विकान्त कुमार चौधरी से इस मामले में पूछताछ की। पूछताछ में अभियुक्त अभिषेक चन्द्रा ने बताया कि वह एसबीआई कार्ड में असिस्टेन्ट मैनेजर था और विक्रान्त चौधरी के साथ मिलकर डेबिट कार्ड का गलत इस्तेमाल कर एसबीआई कार्ड से लगभग 40 लाख की ठगी की है। उसने बताया कि वह
एसबीआई कार्डस के डेबिट एवं क्रेडिट कार्डस के ट्रान्जक्शन को सुपरवाइज करने का काम करता था। जुलाई, 2021 में उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। उसके बाद उसने निजी कंपनी में नौकरी शुरू की। तभी उसकी मुलाकात विकान्त कुमार चौधरी से हुई थी। विकान्त चौधरी ने उससे कुछ रुपये उधार लिए थे। उसने बताया कि उसके कार्ड की लिमिट 25 हजार रुपये थी और इसी से अभिषेक चंद्रा के बिल का भुगतान वह कर देगा। इसके आद विकान्त द्वारा डेबिट कार्ड से खर्च किये गये रुपये भी अभिषेक चन्द्रा डिस्प्यूटेड मामलों में जोड़कर अप्रूव करके आगे भेज देता था। जबकि विकान्त के द्वारा कोई डिस्प्यूटेड ट्रान्जक्शन क्लेम किया ही नहीं जाता था।
वहीं अभिषेक चन्द्रा ने बताया कि जब उसे यह काम करके आसानी से रुपये मिलने लगा तो वह विकान्त के डेबिट कार्ड पर फर्जी डिस्प्यूटेड मामले भेजने लगा और बाद में विकान्त से ओटीपी लेकर मोबिक्विक के माध्यम से अभिषेक चन्द्रा अपने भाई मनोज के मोबाईल से जुड़े मोबिक्विक एकाउण्ट में ट्रान्सफर कर लेता था। उसके बाद दोनों रकम का बंटवारा आपस में कर लेते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों में अभिषेक चन्द्रा निवासी बरिहार जिला मैनपुरी एवं विकान्त कुमार चौधरी निवासी नगींना जनपद जिला बिजनौर शामिल हैं। शातिरों ने लोन पर एक कार भी खरीदी थी। इस कार का लोन लोगों द्वारा ठगी की गई रकम से चुकाई जा रही थी।
