रामपुर: फिर कोर्ट नहीं पहुंचा गवाह, वारंट जारी
रामपुर, अमृत विचार। सूबे के चर्चित कारतूस कांड में सोमवार को गवाह कोर्ट नहीं पहुंचा।कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए हेड कांस्टेबल मिथलेश कुमार झा के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिए है।अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। 26 अप्रैल 2010 को एसटीएफ की टीम ने राम रहीम पुल …
रामपुर, अमृत विचार। सूबे के चर्चित कारतूस कांड में सोमवार को गवाह कोर्ट नहीं पहुंचा।कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए हेड कांस्टेबल मिथलेश कुमार झा के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिए है।अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
26 अप्रैल 2010 को एसटीएफ की टीम ने राम रहीम पुल के पास से पीएसी के रिटायर्ड दरोगा यशोदा नंदन और सीआरपीएफ के हवलदार विनोद और विनेश पासवन को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से एसटीएफ ने 1.75 लाख रुपये नकद, मैग्जीन, एसएलआर, नाइन एमएम पिस्तल और मोबाइल बरामद किए थे, आरोपियों की निशानदेही पर एसटीएफ ने झांसी, मुरादाबाद, बनारस, बस्ती, मऊ, बिहार, झारखंड,छतीसगढ़, इलाहाबाद, बाराबंकी, कानपुर के आरमर व सिविलियन को गिरफ्तार किया था।
कारतूस सप्लायर आशीष उर्फ नेता को भी पुलिस ने पकड़ लिया था। एसटीएफ की विवेचना में यह बात सामने आई थी कि जो कारतूस बरामद हुए थे। वह नक्सलियों को सप्लाई होते थे। गिरफ्तारी के समय प्रदेश में बसपा की सरकार थी।तत्कालीन एसपी और वर्तमान में आईजी रमित शर्मा रामपुर के एसपी थे। उनके द्वारा इस केस की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी। सोमवार को फिर हेड कांस्टेबल मिथलेश कुमार झा कोर्ट नहीं पहुंचे।कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तारीख तय की है।
