बरेली: सावधान! क्यूआर कोड से विभाग पकड़ेगा बिजली चोरी
बरेली, अमृत विचार। शहर से देहात तक लगातार बिजली चोरी बढ़ गई है। इससे लाइन लॉस में भी कमी होती नहीं दिख रही है। लेकिन अब बिजली तार में कटिया फंसाकर चोरी करने वाले की अब खैर नहीं है। इन पर नकेल कसने के लिए खंभों और ट्रांसफार्मर पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा। इस तकनीक …
बरेली, अमृत विचार। शहर से देहात तक लगातार बिजली चोरी बढ़ गई है। इससे लाइन लॉस में भी कमी होती नहीं दिख रही है। लेकिन अब बिजली तार में कटिया फंसाकर चोरी करने वाले की अब खैर नहीं है। इन पर नकेल कसने के लिए खंभों और ट्रांसफार्मर पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा। इस तकनीक से जहां कर्मियों को फाल्ट खोजने में आसानी होगी। वहीं उपभोक्ताओं की भी जानकारी रखने में सुविधा होगी।
नगर निगम निजी कंपनी के सहयोग से खंभों और ट्रांसफार्मर पर जीपीएस और विशेष क्यूआर कोड का इस्तेमाल करेगा। इससे बिजली खपत की भी निगरानी हो सकेगी। इस तकनीक से जहां बिजली चोरी रोकने में मदद मिलेगी। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार कंपनी जीपीएस की मदद से बिजली के खंभों को ऑनलाइन करेगी।
साथ ही खंभों और ट्रांसफार्मर पर यूनिक क्यूआर कोड लगाएगी, जिससे बिजली खपत की सटीक जानकारी विभाग के पास रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि फाल्ट होने पर कई बार जगह तलाशने में दिक्कत होती है। इसमें काफी समय लग जाता है। ऑनलाइन मैपिंग और क्यूआर कोड लगने के बाद अधिकारियों को मोबाइल पर फाल्ट वाली जगह की जानकारी मिल सकेगी।
क्यूआर कोड लगाकर बिजली चोरी को रोकने के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है। इससे उपभोक्ताओं को अपने स्वीकृत भार की बिजली मिलेगी। अभियंताओं को बिजली घर से उनके ट्रांसफार्मर पर जाने वाली बिजली का अंदाजा लग सकेगा।
— विकास सिंघल, अधीक्षण अभियंता
