लखनऊ: बीएसपी नेता सतीश मिश्रा ने किया बड़ा दावा, कहा-‘BSP खुद सरकार बनाएगी
लखनऊ। बसपा के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने उत्तर प्रदेश में भाजपा के साथ किसी भी तरह के गठबंधन को 200 फीसदी खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि उनकी पार्टी राज्य में स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। बता दें कि पार्टी सुप्रीमो मायावती के करीबी विश्वासपात्र माने जाने वाले मिश्रा ने …
लखनऊ। बसपा के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने उत्तर प्रदेश में भाजपा के साथ किसी भी तरह के गठबंधन को 200 फीसदी खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि उनकी पार्टी राज्य में स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
बता दें कि पार्टी सुप्रीमो मायावती के करीबी विश्वासपात्र माने जाने वाले मिश्रा ने एक साक्षात्कार में बताया कि बहुजन समाज पार्टी किसी अन्य पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी। बकौल मिश्रा, हम न तो किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन करेंगे और नाहीं समर्थन लेंगे। हम विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे।
बसपा महासचिव ने कहा कि, “बसपा 2022 में पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाएगी। चुनाव के बाद भी किसी भी अन्य परिस्थिति में हम कभी भी भाजपा के साथ नहीं जाएंगे और यह 200 फीसदी अंतिम फैसला है।” याद रखने की बात यह है कि बसपा ने देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी दोनों के साथ अलग-अलग मिलकर पहले भी सरकारें बनाई है।
क्या कहता है गठबंधन का इतिहास..
1993 में, बसपा ने सपा के साथ गठजोड़ किया था और उस दौरान मुलायम सिंह यादव ने सरकार का नेतृत्व किया था। 1995 में, सपा गठबंधन से बाहर हो गई थी और मायावती कुछ महीनों के लिए भाजपा के समर्थन से सीएम बनी थीं। वर्ष 1997 और 2002 में एक बार फिर बसपा ने भाजपा के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई थी।
क्या है बसपा का जातिगत गणित..
2007 में, दलित-ब्राह्मण कॉम्बिनेशन पर भरोसा करते हुए बसपा ने 403 सदस्यीय विधानसभा में 206 सीटें जीतकर अपने दम पर सरकार बनाई। बसपा एक बार फिर इस विजयी “दलित-ब्राह्मण” संयोजन को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रही है और अपनी इस कवायद के तहत वह राजभर में ‘ब्राह्मण सम्मेलनों’ की एक शृंखला आयोजित कर रही है। उत्तर प्रदेश में दलितों की आबादी राज्य की कुल आबादी की अनुमानित 20 फीसदी है, जबकि ब्राह्मणों की जनसंख्या 13 फीसदी है।
सतीश मिश्रा ने विधानसभा चुनाव 2022 में BSP की सरकार बनने का किया दावा
मिश्रा ने साफ कहा है कि, “बसपा ने ट्रेंड शुरू किया और सभी पार्टियां उसी तर्ज पर ब्राह्मणों को लुभाने का लक्ष्य बना रही हैं। 80 फीसदी ब्राह्मण हमारे साथ हैं। एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनाव के समय मुसलमानों को लुभाने के लिए दूसरे राज्यों से नेताओं के आने की पुरानी रवायत है। उन्होंने कहा कि ये नेता मुस्लिम समुदाय को गुमराह करने के अपने प्रयास में सफल नहीं होंगे।
