हरदोई: मिशन शक्ति के तहत वेबिनार के जरिए महिलाओं को दी गई जानकारी
हरदोई। मिशन शक्ति के तहत वेबिनार के माध्यम से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की महिलाओं को जानकारी दी गई। प्राधिकरण के सचिव अलका पांडे ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकार व सुरक्षा के बारे में विस्तार से बताया। मिशन शक्ति का आयोजन वर्चुअल मीट द्वारा किया गया। जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , सचिव …
हरदोई। मिशन शक्ति के तहत वेबिनार के माध्यम से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की महिलाओं को जानकारी दी गई। प्राधिकरण के सचिव अलका पांडे ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकार व सुरक्षा के बारे में विस्तार से बताया।
मिशन शक्ति का आयोजन वर्चुअल मीट द्वारा किया गया। जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , सचिव अलका पाण्डेय द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया गया। सचिव ने महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओं बेटी पढाओं , दहेज प्रथा , हिन्दु मैरिज एक्ट वरिष्ठ नागरिकों व महिलाओं का भरण-पोषण , पॉक्सो एक्ट तथा उत्तर प्रदेश क्षतिपूर्ति योजना 2014 के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कोई महिला अपने बेटे व पति से भरण-पोषण के लिए मांग कर सकती है। धारा 498A के बारे में उन्होंने बताया कि विवाहित महिला को दहेज के लिए या किसी अन्य कारणों के लिए स्वास्थिक व मानसिक रूप से परेशान किया जाता है तो वह महिला उसी क्षेत्र के सम्बन्धित न्यायालय में केस कर सकती है।
यदि दूसरी जगह पर जाकर रहती है तो वहीं एफ.आई.आर करा सकती है। दहेज प्रथा के बारे में उन्होंने कहा कि आज दहेज प्रथा के कारण न जाने कितनी महिलाओं को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण हजारों लड़कियां कुंवारी बैठी हैं। गरीबी के कारण न जाने कितनी शादी शुदा महिलाओं की जिन्दगी दहेज की वजह से खराब हो जाती है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश क्षतिपूर्ति योजना 2014 के बारे में बताया कि कोई पीड़ित व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र देकर योजना का लाभ ले सकता है। जिसके सम्बन्ध में उन्होंने निर्भया कांड दिल्ली व लक्ष्मी बनाम स्टेट ऑफ यूनियन केस का हवाला भी दिया। साथ ही उन्होंने मौलिक अधिकार व मुस्लिम महिला तलाक पर अधिकारों का संरक्षण अधिनियम-1986 डेनियल लतीफी बनाम भारत संघ में प्रतिपादित विधिक सिदांत, हिन्दू विवाह अधिनियम- 1955 आईपीसी, सीआरपीसी, जुविनाइल जस्टिस एक्ट, पीसीपीएनडीटी एक्ट ,घरेलू हिंसा, अधिनियम हिन्दू दत्तक ग्रहण और संरक्षक का अधिनियम 1956,भारत का संविधान एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा संचालित योजनाओं तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं के सम्बन्ध में भी जानकारी दी।
उन्होंने हिन्दु मैरिज एक्ट के तहत कहा कि कोई विधवा महिला अपने ससुर की सम्पत्ति में अपने पति के हिस्से का भाग लेने के लिए क्लेम कर सकती है। यह एक मानव जीवन जीने का अधिकार है। जिसके लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। शिक्षा के द्वारा ही हम एक अच्छे नागरिक बन सकते हैं।
