बरेली: आंधी और पानी के चलते शहर में ब्लैक आउट
बरेली, अमृत विचार। शहर में देर शाम आई आंधी-पानी से बिजली गुल हो गई। एक दर्जन से अधिक जगहों पर पोल और तार टूट कर गिर गए। जिसके कारण पूरे शहर में ब्लैक आउट हो गया। जिस वजह से शहरवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। देर रात तक फॉल्ट को तलाशने के लिए …
बरेली, अमृत विचार। शहर में देर शाम आई आंधी-पानी से बिजली गुल हो गई। एक दर्जन से अधिक जगहों पर पोल और तार टूट कर गिर गए। जिसके कारण पूरे शहर में ब्लैक आउट हो गया। जिस वजह से शहरवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। देर रात तक फॉल्ट को तलाशने के लिए बिजली कर्मचारी जुट रहे लेकिन कई जगहों पर सप्लाई सुचारू नहीं हो सकी थी। वहीं बिजली गुल होने के बाद अधिकारियों समेत कर्मचारियों के नंबर भी बंद हो गए। सबस्टेशन के टोल फ्री नंबर पर कॉल करने के बाद कोई उठाने वाला नहीं था।
दो दिन पहले तेज हवा और पानी से शहर में टूटी बिजली की लाइनें पूरी तरह ठीक भी नहीं हो पाईं थीं कि मंगलवार की शाम को चली तेज आंधी और बारिश ने बिजली व्यवस्था फिर चौपट कर दी। कहीं पेड़ की डाल टूटकर गिरी तो कहीं पोल ढहने और तारों के आपस में टकराने से लाइनों में फाल्ट हो गए। तेज आंधी व बारिश बिजली के लिए आफत बन गई। तेज आंधी में फाल्टों की झड़ी लग गई। कई जगहों पर लाइनें टूट गई। कई फीडर ट्रिप हो गए।
शहर के तमाम इलाकों में रात तक बिजली आपूर्ति शुरु नहीं हो सकी। बिजली जाने के बाद सभी लोग हेल्पलाइन नंबर पर लाइट के संबंध में जानकारी लेने लगे। बहुत से सब स्टेशनों के हेल्पलाइन नंबर उठना बंद हो गए। आंधी और बारिश बन्द होने के बाद कुछ इलाकों की लाइट आपूर्ति शुरू की गई।
एसडीओ हरुनगला आरजे वर्मा ने बताया कि जगतपुर से निर्गत सभी लाइनें सामान्य रूप से चल रही है। वही हरूनगला विद्युत उपकेंद्र की 33 केवी लाइन पर 4 पेड़ गिर जाने के कारण ब्रेकडाउन में होने से बिजली गुल हो गई। आंधी और बारिश बन्द होने के बाद कुछ इलाकों की लाइट आपूर्ति शुरू की गई। लेकिन कुछ इलाकों में देर रात तक बिजली का संकट बना रहा। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कई पेड़ गिर गए।
कुतुबखाना, मढ़ीनाथ, सुभाषनगर समेत कई जगह ब्रेकडाउन
मंगलवार की शाम आई तेज आंधी के बाद बारिश से जनपद भर में जगह-जगह ब्रेक डाउन हुए और बिजली सप्लाई घंटों बाधित रही। आंधी और बारिश से कुतुबखाना, मढ़ीनाथ, सुभाषनगर , कोहाड़ापीर, हरुनगला, महानगर, किला फीडर बंद हो गया। कई जगह विद्युत खंभे भी गिर गए। वही सिविल लाइंस, जगतपुर और अन्य जगह भी बिजली गुल होने से उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अधिकारियों और कर्मचारियों के फोन बंद
बिजली व्यवस्था सुचारू रखने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों के कंधे पर है। फाल्ट के बाद वह नजर ही नहीं आते। मंगलवार की रात बिजली विभाग के ज्यादातर एक्सईएन और एसडीओ ने फोन कॉल नहीं उठाये। सवाल यह है जब अधिकारी उपभोक्ताओं का फोन ही नहीं उठाएंगे तो उन्हें फाल्ट की जानकारी कैसे मिलेगी।
आंधी और पानी की वजह से कई फीडरों में ब्रेकडाउन होने से बिजली गुल हो गई। कर्मचारियों को तत्काल मौके पर भेजकर फाल्ट ठीक कराने के निर्देश दिए गए। -गौरव शर्मा, उपखंड अधिकारी।
