बिजनौर: झगड़ा होने पर चुन्नी से घोंटा था बबीता का गला, दो गिरफ्तार
बिजनौर, अमृत विचार। करीब एक सप्ताह पूर्व ग्राम महमूदपुर के जंगल में बबिता पत्नी सर्वेश सिंह अपनी बेटी रेखा के साथ पशुओं के लिए चारा लेने गई महिला का शव गन्ने के खेत में पड़ा मिला था। जिसमें पुलिस ने बबिता के पति सर्वेश सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियो की तलाश शुरू …
बिजनौर, अमृत विचार। करीब एक सप्ताह पूर्व ग्राम महमूदपुर के जंगल में बबिता पत्नी सर्वेश सिंह अपनी बेटी रेखा के साथ पशुओं के लिए चारा लेने गई महिला का शव गन्ने के खेत में पड़ा मिला था। जिसमें पुलिस ने बबिता के पति सर्वेश सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियो की तलाश शुरू कर दी थी।
बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि 9 सितंबर को बबीता पत्नी सर्वेश निवासी महमूदपुर का शव महमूदपुर के जंगल में मिला था। जिसके बाद मृतका के पति की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। पुलिस अधीक्षक ने शीघ्र ही गिरफ्तारी के आदेश पुलिस को दिए थे।
इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी चांदपुर के कुशल नेतृत्व में चांदपुर पुलिस की ओर से मुजम्मिल पुत्र मुस्तकीम व पूरन उर्फ पूरन प्रकाश पुत्र हरचरण निवासी महमूदपुर को बुधवार की सुबह जलीलपुर बस अड्डे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि बबीता से करीब 5 साल से उनके संबंध थे। वह लोग चोरी छिपे खेतों पर जाकर उससे मिला करते थे। आयेदिन बबीता उनसे पैसों की मांग करती थी जिससे वह तंग आ चुके थे, 9 सितंबर को बबीता जब अपनी बेटी रेखा के साथ खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गई थी।
कुछ देर बाद उसकी बेटी चारा लेकर घर चली गई। उसी का फायदा उठाते हुए दोनों आरोपी बबीता से उसकी बेटी के साथ संबंध बनाने की बात करने लगे। जिस पर वह भड़क गई और उसने गाली गलौज कर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। जिस पर दोनों आरोपियों को गुस्सा आया और उन्होंने उसी के दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और पॉपुलर के पेड़ से बांधकर डाल दिया था।
दोनों का आपराधिक मामला पहले भी थाने में दर्ज है। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार, वरिष्ठ उप निरीक्षक श्रीपाल सिंह, उप निरीक्षक विनोद कुमार, हेड कांस्टेबल नवीहसन कांस्टेबल सोनू कुमार, शहराज खान, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने अपराधियों को पकड़ने वाली टीम को 15000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।
