बरेली: प्रभारी मंत्री की डांट से घबराए, तैयार की अटैचमेंट सफाई कर्मियों की सूची
बरेली, अमृत विचार। जिले के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा की डांट से घबराए जिम्मेदारों ने अफसरों के घर और आवास पर अटैच सफाई कर्मचारियों की सूची बनाने का काम तेजी के साथ शुरू कर दिया है। 13 ब्लाकों की सूची बन चुकी है। शेष दो ब्लाकों में तैनात कर्मियों की लिस्ट बनते ही सभी को …
बरेली, अमृत विचार। जिले के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा की डांट से घबराए जिम्मेदारों ने अफसरों के घर और आवास पर अटैच सफाई कर्मचारियों की सूची बनाने का काम तेजी के साथ शुरू कर दिया है। 13 ब्लाकों की सूची बन चुकी है। शेष दो ब्लाकों में तैनात कर्मियों की लिस्ट बनते ही सभी को मूल तैनाती वाले गांव में भेजने की बात कही गई है।
डीएम-कमिश्नर समेत अन्य अधिकारियों के यहां लंबे समय से अटैच सफाई कर्मचरियों के कारण ग्राम पंचायतों में केंद्र सरकार की स्वच्छता मुहिम को झटका लग रहा था। इससे संबंधित खबर को अमृत विचार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसमें बाबूगिरी, अर्दली के अलावा अपनी जगह किसी प्राइवेट कर्मी से काम कराने समेत कई मामले उजागर किए थे।
जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल ने इस मामले को जिला योजना की बैठक में शामिल होने पहुंचे प्रभारी मंत्री के सामने रखा था। जिस पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताते हुए ऐसे सफाई कर्मचारियों को तत्काल उनके मूल तैनाती वाले गांव भेजने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा रश्मि पटेल की तरफ से इसको लेकर पत्राचार करने की बात भी कही गई थी। जिसका असर अब दिखने लगा है। मंत्री की डांट कहें या अन्य कोई कारण पंचायती राज विभाग के लिपिक सूची तैयार करने में जुटे हैं।
इधर, चर्चा यह भी है जिन ब्लाकों के सबसे अधिक सफाई कर्मी अटैच चल रहे हैं। उनकी सूची तैयार करने में खेल चल रहा है। हालाकि डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि अटैच सफाई कर्मियों को उनके मूल गांव में ही तैनाती दी जानी है। इसमें किसी तरह की कोई धांधली या सिफारिश नहीं चलेगी। इस संबंध में प्रधान और सचिवों को भी निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
