स्वास्थ्य दिवस पर किशोर-किशोरियों को दी गई मानसिक व यौन विषय पर जानकारी
सीतापुर। सीएचसी मिश्रिख के विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर किशोर-किशोरी स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर एएनएम ने किशोर किशोरियों के वजन एवं लंबाई की जांच , हीमोग्लोबिन की जांच एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया। वहीं आरकेएसके (अर्श) काउंसलर ने किशोर-किशोरियों को माहवारी, पोषण और कोरोना आदि के बारे में जागरूक किया। अर्श काउंसलर …
सीतापुर। सीएचसी मिश्रिख के विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर किशोर-किशोरी स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर एएनएम ने किशोर किशोरियों के वजन एवं लंबाई की जांच , हीमोग्लोबिन की जांच एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया। वहीं आरकेएसके (अर्श) काउंसलर ने किशोर-किशोरियों को माहवारी, पोषण और कोरोना आदि के बारे में जागरूक किया।
अर्श काउंसलर लक्ष्मी गुप्ता ने बताया कि किशोरावस्था (10 -19 वर्ष) एक परिवर्तनशील वृद्धि व विकास की एक महत्वपूर्ण अवस्था होती है। इस अवस्था में शारीरिक एवं मानसिक बदलाव बहुत तेजी से होते हैं। किशोर-किशोरी यौन, मानसिक तथा व्यवहारिक रूप से परिपक्व होने लगते हैं। उन्होंने बताया कि एक विवाहित अथवा अविवाहित, स्कूल जाने वाले तथा न जाने वाले, ग्रामीण या शहरी क्षेत्र के किशोर-किशोरियों की यौन विषय पर जानकारी भी अलग-अलग होती है, जो उनके जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। इसे ध्यान में रखते हुए मिश्रिख सीएचसी के चयनित उपकेंद्रों पर किशोर-किशोरी स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया गया है।
इस मौके पर अर्श काउंसलर द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के साथ ही किशोर-किशोरियों को बाल विवाह और नशे से होने वाले नुकसान की भी जानकारी दी गई। 10-19 साल की आयुवर्ग की किशोरियों में मासिक धर्म से जुड़ी साफ-सफाई की जानकारी देते हुए उन्हें सेनेटरी नैपकिन पैड और आयरन की गोलियां वितरित की गईं।
स्वास्थ्य उपकेंद्र नैमिषारण्य में एएनएम निर्मला गुप्ता, बहेरवा में प्रीती राजवंशी, भिठौनी में सुमन, गउवापुर में दीक्षा, आंट में राधा अवस्थी ने किशोर-किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए उपकेंद्रों पर किशोर-किशोरियों के मध्य प्रश्नोत्तरी, रंगोली, मेंहदी आदि प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। जिनके प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इन आयोजनों को सफल बनाने में सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशीष सिंह, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी वासुदेव, ब्लाक कार्यकम प्रबंधक शैलेश वैश्य आदि का सराहनीय योगदान रहा।
