बरेली: फतेहगंज पूर्वी के दुष्कर्मी-हत्यारे कैदी की रिहा होने की कोशिश विफल

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बरेली, अमृत विचार। 26 साल पहले आठ वर्षीय बालिका की दुष्कर्म के बाद गला घोंटकर हत्या करने वाले आजीवन कारावास के कैदी उर्मेश की रिहा होने की कोशिश विफल हो गई। कैदी ने चालाकी से अगस्त 2018 में निर्गत की गयी स्थायी नीति का लाभ उठाने के लिए समय पूर्व रिहाई के लिए दया याचिका …

बरेली, अमृत विचार। 26 साल पहले आठ वर्षीय बालिका की दुष्कर्म के बाद गला घोंटकर हत्या करने वाले आजीवन कारावास के कैदी उर्मेश की रिहा होने की कोशिश विफल हो गई। कैदी ने चालाकी से अगस्त 2018 में निर्गत की गयी स्थायी नीति का लाभ उठाने के लिए समय पूर्व रिहाई के लिए दया याचिका अर्जी तैयार की लेकिन पुलिस प्रशासन की रिपोर्ट में रिहाई न करने की संस्तुति की गई। जिस पर राज्यपाल ने कैदी की अर्जी अस्वीकार कर दी है। इस संबंध में संयुक्त सचिव करुणेश कुमार सिंह की ओर से जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ अधीक्षक केंद्रीय कारागार को रिपोर्ट भेजी गई है।

केंद्रीय कारागार में सजा भोग रहा कैदी उर्मेश पुत्र शिवराज सिंह निवासी चतिया फैजू, थाना फतेहगंज पूर्वी ने 27 अक्टूबर 1995 में आठ वर्षीय बालिका की दुष्कर्म के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी थी। अपराध के सत्र परीक्षण में आईपीसी की धारा 302 और 376 के तहत न्यायालय अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने 31 अक्टूबर 1998 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हत्यारे ने उच्च न्यायालय में सजा के विरुद्ध अपील की थी पर उच्च न्यायालय ने सजा को यथावत रखा। रिकॉर्ड के अनुसार 26 जनवरी 2019 तक कैदी 23 वर्ष दो माह की अपरिहार्य सजा और 30 वर्ष की सअपरिहार्य सजा भोग चुका है।

संयुक्त सचिव करुणेश कुमार सिंह की ओर से पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं को पत्र भेजा गया है। जिसमें बताया गया कि कैदी उर्मेश की दया याचिका अर्जी विचारोपरांत राज्यपाल ने अस्वीकार कर दी है। इसकी कॉपी जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ अधीक्षक केंद्रीय कारागार को भी भेजी गई है।

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