बरेली: प्रशासन को नहीं मालूम, कहां गए 2.08 लाख हड़पने वाले आठ बकायेदार
बरेली, अमृत विचार। सरकार के राजस्व को अधिकारी ही नुकसान पहुंचा रहे हैं। 1952 से लेकर 1982 तक आठ ऐसे बकायेदार थे, जिनसे जिला प्रशासन 208779 रुपये नहीं वसूल सका। इसमें सबसे दिलचस्प बात यह रही कि लाखों की रकम वसूलना तो दूर आबकारी और राजस्व मिलकर ये पता नहीं कर सके कि आठ बकायेदारों …
बरेली, अमृत विचार। सरकार के राजस्व को अधिकारी ही नुकसान पहुंचा रहे हैं। 1952 से लेकर 1982 तक आठ ऐसे बकायेदार थे, जिनसे जिला प्रशासन 208779 रुपये नहीं वसूल सका। इसमें सबसे दिलचस्प बात यह रही कि लाखों की रकम वसूलना तो दूर आबकारी और राजस्व मिलकर ये पता नहीं कर सके कि आठ बकायेदारों ने पूर्व में जो अपने नाम पते लिखाए थे, वे सही हैं या गलत। बकायेदारों के बारे में किसी प्रकार की जानकारी हासिल करने में अधिकारी पूर्णरूप से असफल रहे। इसके साथ अधिकारियों ने इसे ठंडे बस्ते में भी डाल दिया था। इस बीच 13 जुलाई 2021 को आबकारी आयुक्त की चिट्ठी कलेक्ट्रेट पहुंची।
इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर बकायेदारों के बारे में फाइलें तलाशी गयीं। इनके नाम पते सामने आए लेकिन यह बात भी खुली कि बकायेदार दिए गए पतों पर उपलब्ध नहीं हैं। न ही इनकी कोई संपत्ति की जानकारी हो सकी है। अन्य जनपदों से भी रिपोर्ट मांगी गयी लेकिन अभी तक संयुक्त रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। इधर जिलाधिकारी नितीश कुमार की ओर से आबकारी आयुक्त को रिपोर्ट भेजी गयी है। जिसमें उन्होंने बकायेदारों से अवसूलनीय बकाया धनराशि के राजस्व परित्यजन से संबंधित प्रकरण फार्म जी-31 पर बट्टे खाते में डाले जाने की बात कही है।
ये हैं बकायेदार, जो प्रशासन की नजरों में भूमिगत हो गए
बकायेदार का नाम चेतराम पुत्र देवीदीन निवासी कैंट पर वर्ष 1952-53 का बकाया 12500 रुपये, सुरेंद्र कुमार पुत्र सीताराम निवासी 189 सिविल लाइन पर 1977-78 का 13608 रुपये, रामगोपाल पुत्र मोतीराम निवासी 265 आलमगीरिगंज पर वर्ष 1970-71 का 7150 रुपये, इंद्रपाल पुत्र रामचरन लाल निवासी प्रेमनगर पर वर्ष1981-82 का 3400 रुपये, महेश चंद्र पुत्र ओमप्रकाश आलमगीरिगंज पर वर्ष 1978-79 का 5330 रुपये, बेनीराम पुत्र मूलराज निवासी प्रेमनगर चौराहा पर वर्ष 1982-83 का 66578 रुपये, बेनीराम पुत्र मूलराज और मैकू लाल पुत्र द्वारिका प्रसाद निवासी प्रेमनगर चौराहा का 1982-83 का 87713 रुपये और राम बहादुर पुत्र जानकी प्रसाद निवासी बल्लिया आंवला का वर्ष 1952-53 का 12500 रुपये का बकाया आबकारी विभाग आज तक नहीं वसूल सका।
