बरेली: कच्ची शराब तोड़ने वालों के हाथ में आया फावड़ा और तसला

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संजय शर्मा, बरेली। कच्ची शराब तोड़ने वालों के हाथों में अब फावड़ा और तसला आ गया है। सुबह चाय-नाश्ता कर अब वह अपना टिफिन लेकर सिर उठाकर घर से निकलते हैं और मेहनत मजदूरी करने के बाद शाम को घर लौटते हैं। अब न तो उनके घर में पुलिस की दबिश पड़ रही है न …

संजय शर्मा, बरेली। कच्ची शराब तोड़ने वालों के हाथों में अब फावड़ा और तसला आ गया है। सुबह चाय-नाश्ता कर अब वह अपना टिफिन लेकर सिर उठाकर घर से निकलते हैं और मेहनत मजदूरी करने के बाद शाम को घर लौटते हैं। अब न तो उनके घर में पुलिस की दबिश पड़ रही है न ही बीट के सिपाही उन्हें कच्ची शराब में जेल भजे रहे हैं। शाम को पूरा परिवार एक साथ खाना खाकर चेन से सोता है।

कच्ची शराब तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस, प्रशासन और आबकारी ने अभियान चलाकर तस्करी करने वालों को जागरूक किया। पुलिस, प्रशासन और आबकारी की कॉपटेल ने मीरगंज और फरीदपुर के 40 गांव के 54 लोगों को इस नशे से दूर किया है। अब ये लोग न तो शराब की तस्करी करते हैं और न ही शराब पीते हैं। उन्हें प्रशासन ने मनरेगा में काम दिया है। अब वे सुबह मजदूरी करने के लिए निकलते हैं और शाम को घर लौट आते हैं।

इसके साथ ही पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग की जागरूकता के जलते फरीदपुर और मीरगंज के 20 गांव कच्ची शराब से मुक्त हो गए हैं। कभी इन गांवों में कच्ची शराब की भट्ठियां जला करती थीं। अब एक भी व्यक्ति इस गांव में कच्ची शराब का काम नहीं करता है।

गुड़, शीरा व लहन खरीदना हुआ बंद
गुड़, शीरा और लहन से कच्ची शराब बनती है। आसपास चीनी मिल होने के कारण गुड़ और शीरा मिलने में परेशानी नहीं होती है। इसके साथ ही लहन की खेती गंगा के किनारे खूब होती है। लहन को मिट्टी में दबा देते हैं। एक सप्ताह बाद इसमें यूरिया का ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल कर शराब बनाते हैं। शराब में मिला ऑक्सीटोसिन ही मौत का कारण बनता है।

पुलिस ने प्रशासन और आबकारी की टीम के साथ कच्ची शराब बेचने वालों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया था। इससे प्रभावित होकर कई लोगों ने शराब की तस्करी करना और पीना छोड़ दिया है। -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

अभियान के तहत कई गांवों को शराब मुक्त कराया गया है। इसमें पुलिस और प्रशासन की टीम भी शामिल थी। जो लोग शराब बनाने का काम छोड़ चुके हैं। उनकी निगरानी भी की जा रही है। -देव नारायण दुबे, जिला आबकारी अधिकारी

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