मेरठ में कोरोना वैक्सीन को लेकर लापरवाहीः बुजुर्ग को 5 बार लगा टीका, छठे की मिली डेट
मेरठ। जिले में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर अजग-गजब लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां चार महीने पहले मर चुकी युवती को टीका लगाने के मामले की अभी जांच हो ही रही थी। इसी बीच एक बुजुर्ग को पांच बार टीका लगाने का मैसेज ही नहीं सर्टिफिकेट भी आ गया। इसके साथ ही छठी बार …
मेरठ। जिले में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर अजग-गजब लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां चार महीने पहले मर चुकी युवती को टीका लगाने के मामले की अभी जांच हो ही रही थी। इसी बीच एक बुजुर्ग को पांच बार टीका लगाने का मैसेज ही नहीं सर्टिफिकेट भी आ गया। इसके साथ ही छठी बार टीका लगाने के लिए डेट भी शेड्यूल कर दी गई है।
बता दें कि मेरठ से सटे सरधना के धर्मपुरी निवासी रामपाल (73) ने कोरोना से बचाव के लिए दोनों टीके लगवा लिए हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की हद यह है कि उनके नाम पर जो प्रमाणपत्र जारी किया गया है, उसमें तीन बार में पांच डोज लगना दर्शाया गया है। यहीं नहीं, छठी डोज की संभावित तिथि भी दे दी गई है।
रामपाल हिंदू युवा वाहिनी में नगर संयोजक के साथ भाजपा नगर के बूथ अध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि 16 मार्च को कोरोना से बचाव का पहला और आठ मई को दूसरा टीका लगवाया। इसके बाद उन्हें प्रमाणपत्र की आवश्यकता हुई तो सीएचसी पर संपर्क साधा। भाजपा नेता का कहना था कि प्रमाणपत्र नेट पर उपलब्ध नहीं है। कुछ दिन बाद स्वास्थ्य विभाग की मांग पर उन्होंने दोबारा आईडी उपलब्ध करा दी। महीने भर तक वह प्रमाणपत्र के लिए घूमते रहे। इसके बाद वह अपना ऑफलाइन टीकाकरण कार्ड लेकर कंप्यूटर सेंटर पर पहुंचे और कोरोना वैक्सीनेशन के पोर्टल से अपना ऑनलाइन प्रमाणपत्र चेक कराया।
यहां पता चला कि उन्हें दो बार नहीं बल्कि पांच बार वैक्सीन लग गई है। साथ ही छठा टीका आठ दिसंबर से जनवरी 2022 के बीच में लगवाने के लिए तिथि दी गई है। सर्टिफिकेट पर पहली डोज 16 मार्च, दूसरी डोज आठ मई, तीसरी डोज 15 मई को दर्शायी गई है। चौथी व पांचवीं डोज एक ही दिन 15 सितंबर को दर्शायी गई है। वहीं सीएचसी प्रभारी डॉक्टर अमित कुमार त्यागी का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि इस तरह का मामला है तो इसकी जांच की जाएगी।
