बरेली: खाद्यान्न माफिया पर माननीयों का हाथ, इसलिए कार्रवाई…
बरेली, अमृत विचार। किसानों के हक पर डाका डालने वाले माफिया पर प्रमुख सचिव ने मंडल के सभी डीएम, एसएसपी को प्रभावी कार्रवाई व चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। दोषियों को खाद्यान्न खरीद माफिया घोषित कराने को कहा है लेकिन यह इतना आसान नहीं लग रहा। कारण यह है कि हर साल होने …
बरेली, अमृत विचार। किसानों के हक पर डाका डालने वाले माफिया पर प्रमुख सचिव ने मंडल के सभी डीएम, एसएसपी को प्रभावी कार्रवाई व चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। दोषियों को खाद्यान्न खरीद माफिया घोषित कराने को कहा है लेकिन यह इतना आसान नहीं लग रहा। कारण यह है कि हर साल होने वाली धान व गेहूं की खरीद में तमाम केंद्र तो माननीयों के करीबियों के हैं। यही वजह है कि मंडल में 54 माफिया पर रिपोर्ट दर्ज होने के एक साल बाद भी शिकंजा नहीं कसा गया।
पिछले साल एक अक्टूबर से शुरू हुई धान खरीद में प्रभारी आरएफसी जोगिंदर सिंह ने बिचौलियों पर कार्रवाई के लिए मंडल के समस्त जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 व रबी विपणन वर्ष 2021-22 में अनियमितताओं पर 54 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें बरेली में नौ, बदायूं में चार, पीलीभीत में 33 व शाहजहांपुर में आठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। केंद्र प्रभारियों पर भी लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की गई थी। चर्चा है कि स्थानीय अफसरों व राजनैतिक दबाव में आरोपियों पर शिकंजा नहीं कसा गया। इधर, अब एक अक्टूबर से शुरू होने वाली धान खरीद की तैयारियों के मामले संज्ञान में आने पर आरएफसी ने मंडल के 28 अलग-अलग क्रय केंद्र प्रभारियों, 40 बिचौलियों, चार ठेकेदार, चार राइस मिलर्स को खाद्यान्न खरीद माफिया घोषित करने की मांग की है।
गड़बड़ी करने वालों पर शिकंजा कसने को पिछले दिनों प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर मंडल के सभी डीएम, एसएसपी को इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करने व चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश देने और दोषी मिले व्यक्तियों को खाद्यान्न खरीद माफिया घोषित करने के लिए कहा था। एमएसपी पर होने वाली खरीद का सीधा लाभ किसानों को मिल सके। हाल ही दो फर्मों को काली सूची में डाला गया है।
— जोगिंदर सिंह, आरएफसी
