रामपुर: ब्लॉक में फिर मारपीट, पहले बीडीओ और अब एडीओ कक्ष में हंगामा

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बिलासपुर (रामपुर), अमृत विचार। खंड विकास कार्यालय के बीडीओ कक्ष में हुई मारपीट व हंगामे की घटना के पांच दिन बाद एडीओ कक्ष में भी जमकर मारपीट हुई और हंगामा खड़ा हो गया। मारपीट के शिकार ग्राम विकास अधिकारी ने एक जिला पंचायत सदस्य के पुत्र समेत 4 लोगों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज …

बिलासपुर (रामपुर), अमृत विचार। खंड विकास कार्यालय के बीडीओ कक्ष में हुई मारपीट व हंगामे की घटना के पांच दिन बाद एडीओ कक्ष में भी जमकर मारपीट हुई और हंगामा खड़ा हो गया। मारपीट के शिकार ग्राम विकास अधिकारी ने एक जिला पंचायत सदस्य के पुत्र समेत 4 लोगों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

नगर के हाईवे स्थित खंड विकास कार्यालय में 17 सितंबर को एक रोजगार सेवक ने बीडीओ कक्ष में घुसकर बीडीओ रिजवान हुसैन के सामने ही वहां बैठे राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के पैतृक गांव रामनगर के प्रधान पति की पिटाई कर दी। इस घटना के ठीक पांच दिन बाद बुधवार को ब्लॉक के एडीओ वीर सिंह के कक्ष में भी ऐसी ही घटना की पुनरावृति हुई।

वहां बैठे महुनागर गांव के ग्राम विकास अधिकारी राजीव कुमार को कुछ लोगों ने आकर पीट दिया। इसके बाद ब्लॉक में हंगामा खड़ा हो गया। सूचना मिलने पर कोतवाली के कार्यवाहक प्रभारी लखपत सिंह मौके पर पहुंच गए और पूछताछ की। बाद में ग्राम विकास अधिकारी कोतवाली पहुंचा और अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई। दर्ज मुकदमे में जिला पंचायत के वार्ड दो की सदस्या महुनागर गांव निवासी तरवीन जहां के पुत्र अफसान तथा उसके तीन साथियों- उस्मान खां, आलमगीर व शब्बू को नामजद कराया गया है। वादी राजीव का कहना है कि प्रतिवादी उस पर एक फर्जी प्रमाण पत्र बचाने का दबाव डाल रहे थे।

दोपहर के समय जब वह एडीओ कक्ष में बैठा अपने काम निबटा रहा था, तब उक्त चारों वहां घुस आए। उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट की। हाथ से छीनकर कागज फाड़ दिए और मुंह पर थूक दिया। इसके बाद कनपटी पर तमंचा रखकर जान से मारने की धमकी भी दी और फिर अन्य लोगों के आने पर फरार हो गए। दूसरी तरफ, इस मामले में अभियुक्त बनाए गए जिला पंचायत सदस्य पुत्र अफसान का कहना है कि ग्राम विकास अधिकारी की मृतक परिवार की एक युवती पर बुरी नजर थी। इस कारण वह उनका मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर नहीं दे रहा था।

उनके अनुसार युवती ने भी कोतवाली में अपनी तहरीर दी है, मगर पुलिस ने उसे दर्ज नहीं किया है। ब्लॉक में हुई घटना से इंकार करते हुए उनका कहना है कि खुद को बचाने के लिए ग्राम विकास अधिकारी ने यह नाटक रचा है। वहीं, इस बाबत कोतवाली के कार्यवाहक प्रभारी लखपत सिंह ने बताया कि उन्हें अफसान पक्ष की तरफ से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है और मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।

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