मुरादाबाद: शिपिंग कंपनियों की मनमानी, कारोबार पर पड़ रहा असर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। विदेशों में निर्यात करने वाले उद्यमी शिपिंग कंपनियों की मनमानी से परेशान हैं। जिसका सीधा असर पीतल के कारोबार पर पड़ रहा है। शिपिंग कंपनियों द्वारा डेढ़ साल में कंटेनरों के भाड़े में पांच गुना तक बढ़ोतरी कर दी है। निर्यातकों को इसके बावजूद कंटेनर की शार्टेज का सामना करना पड़ रहा …

मुरादाबाद, अमृत विचार। विदेशों में निर्यात करने वाले उद्यमी शिपिंग कंपनियों की मनमानी से परेशान हैं। जिसका सीधा असर पीतल के कारोबार पर पड़ रहा है। शिपिंग कंपनियों द्वारा डेढ़ साल में कंटेनरों के भाड़े में पांच गुना तक बढ़ोतरी कर दी है। निर्यातकों को इसके बावजूद कंटेनर की शार्टेज का सामना करना पड़ रहा है, जिस वजह विदेशी ग्राहकों को माल भी समय से नहीं मिल पा रहा है।

हर साल महानगर से विदेशों में बड़ी पैमाने पर निर्यात होता है। विदेशी ग्राहको तक समय से माल पहुंचाने के लिए कंटेनरों का इस्तेमाल किया जाता है। कोरोना काल के बाद से लगातार बढ़ रहे भाड़े के कारण विदेशी ग्राहको ने आइटमों के दामों को कम करने पर जोर देना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि पीतल कारोबार पर असर पड़ रहा है। इसके साथ ही निर्यातकों को मुनाफा कम हो रहा है।

उधर कंटेनरों की शार्टेज होने की वजह से भी ग्राहकों तक माल भी समय से नहीं पहुंच पा रहा है। जो कंटेनर का भाड़ा पांच लाख था, अब उसका भाड़ा बढ़कर 8 से 10 लाख रुपये हो गया है। इस वजह से ग्राहक माल पोर्ट से नहीं उठा रहे है। निर्यातकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निर्यातकों की माने तो आने वाले दिनों में इस वजह से आर्डर भी कम मिलेंगे।

कंटेनर डिपो के जनरल मैनेंजर आशीष गौतम का कहना है कि हर माह 4500 टियू कंटेनर्स का इस्तेमाल बाहरी देशों में माल भेजने के लिए निर्यातकों द्वारा किया जाता है। लेकिन डिमांड अधिक होने के कारण निर्यातकों को कंटेनर की शार्टेज का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना के बाद से कंटेनरों के दामों में पांच गुना इजाफा हुआ है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों भाड़े में और भी बढ़ोतरी की जा सकती है।

शिपिंग कंपनियों द्वारा लगातार भाड़े में बढ़ोतरी की जा रही है। जिस वजह से विदेशी ग्राहक माल नहीं ले रहे है। इस वजह से कारोबार पर असर पड़ रहा है। इसके साथ कंटेनर की शार्टेज झेलनी पड़ रही है। रोहित ढल, जनरल सेक्रेटरी, यंग इंटरप्रेन्योर सोसाइटी

कोरोना काल के बाद से लगातार भाड़े बढ़ोतरी हो रही है। जो कंटेनर पहले 1500 डॉलर का था, अब उसके दाम बढ़कर 11 हजार डॉलर हो गए हैं। इसका सीधा हमारे कारोबार पर पड़ रहा है। अवधेश अग्रवाल, महासचिव, मुरादाबाद हैंडिक्राफ्ट्स एसोसिएशन

संबंधित समाचार