बरेली: स्मार्ट सिटी व अन्य योजनाओं की रकम ठिकाने लगाने का चल रहा अभियान

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। सरकारी मशीनरी बगैर प्लानिंग के शहर को स्मार्ट बनाने में जुटी हुई है। आलम यह है कि सड़कों के सौंदर्यीकरण और चौड़ीकरण के कामों पर स्मार्ट सिटी परियोजना सहित दूसरी तमाम योजनाओं की करोड़ों की रकम पानी की तरह बहाई जा रही है लेकिन ऐसे प्रोजेक्टों को शुरू करने से पहले कोई …

बरेली, अमृत विचार। सरकारी मशीनरी बगैर प्लानिंग के शहर को स्मार्ट बनाने में जुटी हुई है। आलम यह है कि सड़कों के सौंदर्यीकरण और चौड़ीकरण के कामों पर स्मार्ट सिटी परियोजना सहित दूसरी तमाम योजनाओं की करोड़ों की रकम पानी की तरह बहाई जा रही है लेकिन ऐसे प्रोजेक्टों को शुरू करने से पहले कोई प्लानिंग नहीं दिखाई दे रही है।

सड़कों के नीचे बेहद पुरानी पानी की पाइप लाइन, टेलीफोन लाइनें, सीवर सहित दूसरे भूमिगत लाइनों को शिफ्ट नहीं किया गया है। अफसरों ने यह ध्यान ही नहीं दिया कि अंडरग्राउंड लाइनों में अगर कोई दिक्कत आएगी तो उनकी मरम्मत के लिए सड़कों को बार-बार खोदना पड़़ेगा। ऐसे में रोड को दुरुस्त रख पाना संभव ही नहीं होगा।

बरेली को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए करीब 18 सौ करोड़ रुपये खर्च करने की आपाधापी मची है। जल्दबाजी की हालत यह रही है कि प्रशासन से लेकर नगर निगम के जिम्मेदार अफसरों ने करोड़ों रुपये की परियोजनाओं शुरू करने के लिए उचित होम वर्क ही नहीं किया। यानी जिस सड़क का चौड़ीकरण या सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है, उसके नीचे भूमिगत लाइनें सड़क की चौड़ाई के आधार पर किनारे शिफ्ट हुई हैं या नहीं, इसे लेकर भी अधिकारियों ने पसीना नहीं बहाया और टेंडर देकर सीधे ठेकेदारों को काम सौंपकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। ऐसी कार्ययोजना के साथ स्मार्ट सिटी की परिकल्पना कागजों में तो खूबसूरत हो सकती है लेकिन जमीन हकीकत क्या रहेगी? इसका खामियाजा आखिर में पब्लिक को ही झेलना पड़ेगा।

श्यामगंज पुल के नीचे लाइनों को हटाया नहीं और बना दी सीसी रोड
श्यामगंज पुल के नीचे चौराहे से ईंट पजाया तक सर्विस रोड का सीसी निर्माण चल रहा है। अभी एक-डेढ़ साल पहले ही जलनिगम ने इस रोड के नीचे पानी की पाइप लाइन बिछाने का काम किया था। इसके अलावा सड़क के नीचे टेलीफोन सहित दूसरी लाइनें भी बिछी हुई हैं। स्मार्ट सिटी के तहत इस रोड का सीसी निर्माण तो शुरू करा दिया लेकिन भूमिगत लाइनों में अगर फाल्ट होगी तो इस रोड की फिर से जगह-जगह पर खोद दिया जाएगा। ऐसे में सरकारी रकम बर्बाद होने से साथ जनता को भी इससे दिक्कत झेलनी पड़ेगी।

विकास भवन रोड की अंडरग्राउंड बिजली लाइनों को भी नहीं हटाया
स्मार्ट सिटी के तहत ही श्यामगंज पुल से विकास भवन और उसके आगे तक रोड के चौड़ीकरण का काम होना है। इंजीनियरों ने इस काम को टेंडर कर दिया लेकिन उनकी नीचे बिछी बिजली व दूसरी लाइनों को रोड चौड़ीकरण के हिसाब से शिफ्ट ही नहीं किया। इसकी वजह से अर्बन हट के पास रोड की खुदाई के दौरान बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। रोड बनने के बाद भी लाइनों में फाल्ट आने से रोड की खुदाई बार-बार करनी होगी।

स्टेडियम रोड के नीचे फटी पानी की लाइन
नगर निगम स्टेडियम रोड का चौड़ीकरण करा रहा है। मॉडल टाउन चौकी के पास यहां रोड खुदाई के दौरान पानी की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। लोगों का कहना है कि रोड के नीचे टेलीफोन, गैस पाइप लाइन सहित दूसरी लाइनें भी बिछी हुई हैं। विभागों के समन्वयक किए बगैर काम शुरू कराने से रोड बनने के बाद भी अगर कोई फाल्ट आता है तो फिर से सड़क खुद जाएगी।

चौपुला के पास भी कई बार क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं भूमिगत लाइनें
चौपुला रोड के पास भी भूमिगत पाइप व गैस लाइनों के क्षतिग्रस्त होने के मामले हो चुके हैं। इससे कई बार रोड को खोदना पड़ा है। जबकि पुल बनने के बाद सर्विस रोड के चौड़ीकरण के साथ भूमिगत लाइनों को भी सड़क से दूर हटाकर बिछाई जानी चाहिए लेकिन कोई ऐसा न होने से यहां आए दिन लाइनों में दिक्कत आने से रोड को बार-बार खोदना पड़ रहा है।

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