हरदोई: संग्रह अमीन संघ ने ज्ञापन भेजकर मुख्यमंत्री से मांगी दर्द की दवा, जानें मामला
हरदोई। राजस्व की सबसे मजबूत कड़ी माने जाने वाले संग्रह अमीन अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के आगे अपना दुखड़ा रोते रहें हैं। लेकिन उनकी आवाज शायद तूती की आवाज बन कर रह गई है। लेकिन फिर भी ‘देर हो सकती है, मगर अंधेर नहीं’। यही सोंच कर उनकी आवाज सरकार के कानों …
हरदोई। राजस्व की सबसे मजबूत कड़ी माने जाने वाले संग्रह अमीन अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के आगे अपना दुखड़ा रोते रहें हैं। लेकिन उनकी आवाज शायद तूती की आवाज बन कर रह गई है। लेकिन फिर भी ‘देर हो सकती है, मगर अंधेर नहीं’। यही सोंच कर उनकी आवाज सरकार के कानों तक बराबर पहुंचाईं जा रही है।
राजस्व संग्रह अमीन संघ उत्तर प्रदेश इकाई ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मंडलायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा है। ज्ञापन में सामायिक के रूप में की गई सेवाओं को जोड़ने और पे-ग्रेड 2000 के स्थान पर 2800 किए जाने की मांग शामिल हैं। मंडल अध्यक्ष गिरिजा शंकर बाजपेई के नेतृत्व में जिला अध्यक्ष नरेश शुक्ला, तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह के अलावा लखनऊ ज़िले के पदाधिकारियों ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
शनिवार को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि सीजनल संग्रह अमीनों की नियुक्ति से 10 से 15 वर्षों तक सरकारी सेवा करने का मौका मिल पाता है। साथ ही पेंशन या अन्य सरकारी लाभ से वंचित रहना पड़ता है। सीजनल के रूप में की गई सेवा को जोड़ कर सरकारी लाभ दिए जाने की मांग की गई है। संग्रह अमीन संघ ने मुख्यमंत्री से मानवीय संवेदना के तहत मांगों को माने जाने की अपील की है।
