बरेली: आंचल कॉलोनी में फंदे पर लटका मिला सर्राफ की पत्नी का शव
बरेली, अमृत विचार। श्यामगंज चौराहे के पास आंचल कॉलोनी में सर्राफ नितेश अग्रवाल की पत्नी निकिता (31) का शव रविवार देर शाम संदिग्ध अवस्था में कमरे में फंदे पर लटका मिला। फॉरेंसिक टीम ने शव को नीचे उतार कर करीब एक घंटे तक जांच पड़ताल की। उस कमरे को सील कर दिया है। इधर, सूचना …
बरेली, अमृत विचार। श्यामगंज चौराहे के पास आंचल कॉलोनी में सर्राफ नितेश अग्रवाल की पत्नी निकिता (31) का शव रविवार देर शाम संदिग्ध अवस्था में कमरे में फंदे पर लटका मिला। फॉरेंसिक टीम ने शव को नीचे उतार कर करीब एक घंटे तक जांच पड़ताल की। उस कमरे को सील कर दिया है। इधर, सूचना मिलने पर देर रात मृतका के मायके वाले भी मौके पर पहुंच गए।
घटना को लेकर निकिता के मां-बाप ने किसी से कुछ नहीं कहा लेकिन उनकी नाराजगी साफ दिखाई दे रही थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सर्राफ से पुलिस ने काफी देर तक पूछताछ की है।
सर्राफ नितेश अग्रवाल की आलमगिरीगंज में ज्वैलर्स की दुकान है। श्यामगंज चौराहे के पास साईं मंदिर के निकट आंचल कॉलोनी स्थित मकान में रविवार शाम पत्नी निकिता अकेली थीं। जबकि बेटी धरा (5) और बेटा दक्ष (7) नितेश के साथ दुकान पर थे। इधर शाम करीब 5 बजे नितेश ने दुकान पर काम करने वाले दीपक को कुछ सामान लेकर घर भेजा था। बताते हैं कि दीपक घर पहुंचा तो काफी देर तक गेट नहीं खुला। वह डोरवेल बजाता रहा लेकिन दरवाजा फिर भी नहीं खुला। इस पर उसने मालिक नितेश को फोन पर सूचना दी।
करीब 7:30 बजे नितेश दुकान से मकान पहुंचे। उन्होंने मुख्य गेट में लगे लॉक की दूसरी चाबी से दरवाजा खोला। मकान के अंदर जाकर निकिता को आवाज दी लेकिन कोई जबाव नहीं आया। इस पर नितेश कमरे में पहुंचे तो उनकी पत्नी का शव फंदे पर लटका हुआ था। पत्नी को लटका देख उनकी चीख निकल गयी। नितेश की सूचना पर बारादरी पुलिस मौके पर पहुंची। नितेश ने बताया कि निकिता घर पर अकेली थीं।
शाम करीब 4 बजे उसने दोनों बच्चों को दुकान पर भेज दिया था। पुलिस ने मामला हाईप्रोफाइल देख हाथ नहीं लगाया और फॉरेंसिक टीम को बुला लिया। फॉरेसिंक टीम के कई जवान मौके पर पहुंचे और उन्होंने पहले कमरे में पड़ताल की और कोई साक्ष्य न मिटे, इसका ख्याल रखते हुए फंदे से शव को नीचे उतारा। फॉरेंसिक टीम ने कमरे में मौजूद कई चीजों को कब्जे में ले लिया है। बारादरी पुलिस निकिता की मौत की वजह तलाशने में जुटी है।
फॉरेंसिक को नहीं मिला कुछ संदेहात्मक
पूरे मामले में बारादरी पुलिस भी फूंक-फूंक जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने भी कई बिंदुओं पर साक्ष्य संकलन करने के प्रयास किए लेकिन टीम को कुछ भी संदेह पैदा करने वाली चीजें नहीं मिली हैं। टीम ने काफी देर तक कमरे की तलाशी लेकर घटनास्थल की जांच की। जांच टीम को निकिता के कमरे से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है।
भावनाओं के चलते नहीं देखा बेटी का शव
निकिता का मायका उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद के काशीपुर शहर में है। करीब 10 साल पहले नितेश के साथ शादी हुई थी। बेटी की मौत होने की सूचना मिलते ही निकिता के परिजन भी देर रात करीब 11:15 बजे काशीपुर से बरेली पहुंच गए। निकिता की माता व अन्य परिजन बेटी को देखने घर के अंदर गए लेकिन बेटी की अक्समात मौत ने उसके पिता को झकझोर दिया है। उनके कदम भावनाओं के चलते घर के अंदर की ओर नहीं बढ़े।
वह गेट के बाहर ही खड़े होकर काफी देर तक मकान की तरफ देखते रहे। जिस बेटी को बड़े ही लाड़ प्यार से इस घर में भेजा, वह अब इस दुनिया में नहीं रही। हालांकि, निकिता के मायके वालों ने मामले को लेकर किसी भी तरह का कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाया है। दूसरी तरफ सर्राफ ने भी मामले पर चुप्पी बनाए रखी है।
बेड के ऊपर मूड़ा रख पंखे में फंदा लगाने का शक
बारादरी इंस्पेक्टर नीरज मलिक ने बताया कि बेड के नीचे मूड़ा गिरा हुआ था। नितेश अग्रवाल जब कमरे में पहुंचे तो निकिता फंदे पर लटक रही थी। उन्हें लगा कि निकिता में सांस है। इस पर उन्होंने मूड़ा पैरों के नीचे फिर रखा था लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
परिजनों की ओर से अभी तक कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाए गए हैं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -नीरज मलिक, इंस्पेक्टर, बारादरी
