लखीमपुर-खीरी : पंचायत सहायक भर्ती पर न्यायालय की रोक, जिले 1165 थे आवेदक

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लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाली पंचायत सहायकों की भर्ती प्रकिया में कुछ लोगों ने न्यायालय में याचिका दायर कर अनियमितता के आरोप लगाए हैं। इसके बाद न्यायालय ने 14 अक्टूबर तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने आरोपों के आधार पर डीपीआरओ से जवाब भी मांगे …

लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाली पंचायत सहायकों की भर्ती प्रकिया में कुछ लोगों ने न्यायालय में याचिका दायर कर अनियमितता के आरोप लगाए हैं। इसके बाद न्यायालय ने 14 अक्टूबर तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने आरोपों के आधार पर डीपीआरओ से जवाब भी मांगे हैं। अभ्यर्थियों के न्यायालय जाने के बाद फिलहाल भर्ती प्रक्रिया रूक गई है। हालांकि इस बीच फार्मों की स्कूटनी और जांच आदि के कार्य जारी रहेंगे।

जिले में 1165 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की भर्ती के लिए ग्राम पंचायत स्तर से आवेदन मांगे गए थे। यह भर्तियां पारदर्शिता को देखते हुए ग्राम पचायत स्तर पर मेरिट के आधार पर होनी थी। भर्तियों में अभ्यर्थी को ग्राम पंचायत का मूल निवासी और उसका मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य था। इसके लिए जिले भर से कुल 20,500 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसमें करीब 250 सौ लोगांे ने कई आवेदनों पर सवाल उठाते हुए उनके आवेदन को नियमानुसार गलत ठहराया था और स्वयं को पद के योग्य बताया था। हालांकि इन शिकायतों की विभाग जांच करा रहा था।

इस बीच दो अभ्यर्थियों ने लखनऊ में याचिका दायर कर दी वहीं जिले के बेहजम क्षेत्र के ग्राम बरतेर निवासी स्नेहलता और ग्राम लखीमपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत अटकोनवा निवासी महेशचंद ने स्थानीय न्यायालय में याचिका दायर की। इसमें स्नेहलता ने बताया कि उनके ससुर की कोविड 19 के चलते मौत हुई थी इसलिए उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए। जबकि महेशचंद्र ने बताया कि उनकी मेरिट ज्यादा है। इन दोनों याचिका मिलने के बाद न्यायालय ने जिला पंचायत राज विभाग से जवाब मांगा है साथ 13 अक्टूबर अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की है। अगली सुनवाई होने तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

आवेदकों ने आरक्षण पर उठाए सवाल
महेशचंद्र ने ग्राम अटकोनवा से आवेदन किया है जबकि ग्राम पंचायत के आरक्षण के हिसाब से यहां महिला सीट है। ग्राम बरतेर निवासी स्नेह लता ने बताया है कि उनके ससुर की कोविड से मौत हुई है लेकिन यहां विभाग ने मृतक आश्रित वाला नियम लागू किया है। विभाग के नियमानुसार मृतक आश्रित के रूप में किसी परिवार की बहू को लाभ नहीं मिल सकता है। न्यायालय ने ग्राम पंचायत के आधार पर आरक्षण करने का कारण भी विभाग से पूछा है। हालांकि यह भर्ती शासन की गाइड लाइन के अनुसार होनी हैं। डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने शासनादेश का हवाला देते हुए निदेशालय को अपना जवाब भेज दिया है।

जारी रहेगी आवेदन पत्रों की जांच
न्यायालय ने 14 अक्टूबर तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई है। गाइडलाइन है निदेशालय ने ही बनाई है। उसी के अनुसार भर्तियां होनी हैं। जवाब निदेशालय को भेज दिए गए है। अब जो निर्देश मिलेंगे उसी के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसबीच फार्मों की स्कूटनी आदि कार्य जारी रहेंगे। — सौम्यशील सिंह, डीपीआरओ

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