बरेली: राज्य स्तरीय रबी उत्पादन गोष्ठी में पराली प्रबंधन पर दिया जोर
बरेली, अमृत विचार। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मंगलवार को राज्य स्तरीय रबी उत्पादन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें पराली, पीओएस मशीन से उर्वरक की बिक्री मुख्य बिन्दु रहे। यह गोष्ठी कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एनआईसी में हुई। शासन के उच्चाधिकारी अपर मुख्य सचिव कृषि, निदेशक सहकारिता, …
बरेली, अमृत विचार। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मंगलवार को राज्य स्तरीय रबी उत्पादन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें पराली, पीओएस मशीन से उर्वरक की बिक्री मुख्य बिन्दु रहे। यह गोष्ठी कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एनआईसी में हुई। शासन के उच्चाधिकारी अपर मुख्य सचिव कृषि, निदेशक सहकारिता, पशुपालन निदेशक, उद्यान निदेशक एवं संबंधित विभागों के राज्य स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
गोष्ठी में जिलास्तर के अफसरों को निर्देश दिए कि किसी भी दशा में पराली न जलाई जाए। उसकी जगह प्रबंधन किया जाए। अगर कहीं पराली जलाने के मामले सामने आते हैं तो संबंधित जिले के अफसर जिम्मेदार होंगे। निदेशक सहकारिता ने कहा कि प्रदेश में उवर्रक की कहीं कमी नहीं है। इसकी बिक्री पीओएस मशीन से होनी चाहिए। किसानों को जोत के आधार पर उर्वरक देने के साथ ही कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की बात कही। बीज विकास निगम के प्रबंध निदेशक ने कहा कि दलहनी बीजों की आपूर्ति कर दी गई है। एनएससी संस्था से खरीदा हुआ बीज किसानों को दिया जाएगा।
सांख्यिकी निदेशक ने फसल बीमा योजना का अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिले। इसको लेकर उपनिदेशक कृषि धीरेंद्र सिंह को प्रचार प्रसार करने और बीमा कंपनियों के कर्मचारियों के टोल फ्री नंबर नाम सहित प्रकाशित करने की बात कही। उद्यान विभाग के निदेशक ने आलू के बीज का दाम और इसकी उपलब्धता की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे अमरूद की खेती अच्छी होती है। फूलों व पान की खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में कमिश्नर आर रमेश कुमार, सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग, संयुक्त विकास आयुक्त भोलाराम, संयुक्त कृषि निदेशक डा. रामवीर कटारा आदि उपस्थित रहे।
