पीलीभीत: लापता होने के 11 घंटे बाद मकान के पीछे मिला मासूम का शव, परिवार में मचा कोहराम
दियोरिया (बीसलपुर), अमृत विचार। घर के बाहर खेलते वक्त अचानक लापता हुए डेढ़ साल के मासूम की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। लापता होने के 11 घंटे बाद उसका शव मकान के पीछे पानी भरे गड्ढे में उतराता मिला। पुलिस पहले ही परिवार से मिली तहरीर पर अपहरण की धाराओं में अज्ञात के खिलाफ …
दियोरिया (बीसलपुर), अमृत विचार। घर के बाहर खेलते वक्त अचानक लापता हुए डेढ़ साल के मासूम की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। लापता होने के 11 घंटे बाद उसका शव मकान के पीछे पानी भरे गड्ढे में उतराता मिला। पुलिस पहले ही परिवार से मिली तहरीर पर अपहरण की धाराओं में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी थी। शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई।उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।परिवार वाले कुछ भी अंदेशा नहीं जता सके हैं।वहीं, पुलिस इस खेलते हुए गड्ढे में गिरकर डूबने से मरने की आशंका जता रही है।
घटना दियोरिया कला कोतवाली क्षेत्र के गांव पकड़िया ताल्लुके की है। गांव के निवासी संजीव सक्सेना का गांव के बाहर की तरफ पंचर जोड़ने का खोखा है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हैं। पंचर जोड़ने का काम करके ही वह परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनका डेढ़ साल का बेटा अवनीश बृहस्पतिवार को घर के बाहर खेल रहा था। मां पूजा देवी घरेलू कामकाज में व्यस्त थी, जबकि पिता रोज की तरह खोखे पर थे।
शाम करीब पांच बजे वह घर के बाहर से रहस्यमय ढंग से लापता हो गया। परिवार वालों ने बच्चे को नदारद देखा तो होश उड़ गए। बच्चे के लापता होने का शोर कुछ ही देर में गांव में मच गया। इस पर काफी ग्रामीण जमा हो गए। एकजुट होकर सभी ने बच्चे की तलाश की, मगर उसका कुछ पता नहीं लग सका। पिता भी खबर मिलने पर घर आ गए। बेटे के लापता होने की सूचना दंपती ने कोतवाली पहुंचकर दी। अपहरण के साथ ही अनहोनी की भी आशंका जताई।
हालांकि किसी तरह की रंजिश से इनकार कर दिया। मामला डेढ़ साल के बच्चे से जुड़ा था।इस वजह से पुलिस भी हरकत में आ गई। दियोरिया एसओ अचल कुमार पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे।बीसलपुर, बिलसंडा और बरखेड़ा थाने का भी फोर्स गांव में बुला लिया गया और तलाश में टीमें जुटी गई। एएसपी डॉ.पवित्र मोहन त्रिपाठी भी आ गए। डॉग स्क्वाड और फील्ड यूनिट टीम की मदद से सुरागरसी की जाती रही। कई घंटे चली छानबीन के बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लग सका। फिर परिवार से मिली तहरीर पर अज्ञात पर अपहरण की एफआईआर दर्ज हुई।
लापता होने के 11 घंटे बाद शुक्रवार तड़के तीन बजे मकान के पीछे पानी भरे गड़्ढे में बच्चे का शव पड़ा मिला। इसकी सूचना जैसे ही मिली पुलिस गांव पहुंच गई और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। जिसने भी बच्चे का शव मिलने का सुना, वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा।परिवार में कोहराम मच गया। मासूम बेटे की मौत पर माता-पिता बेसुध थे। रो-रोकर बुरा हाल था। वह कुछ समझ ही नहीं पा रहे थे। उधर, पुलिस इस पूरे मामले को हादसा बताती रही।
अभी पूरी तरह से साफ नहीं मासूम की मौत की तस्वीर
परिवार वाले भले ही किसी तरह की रंजिश से इनकार कर रहे हो। मगर, बालक के लापता होने के बाद परिवार की ओर से अपहरण और अनहोनी की आशंका जताई गई थी। बच्चे का शव लापता होने के बाद ग्यारह घंटे बाद मिला है। जिस स्थान पर बच्चे का शव मिला, वह पीड़ित के मकान से ज्यादा दूर नहीं है। हो सकता है कि बच्चा खेलते वक्त वहां पर पहुंच गया हो।मगर, दूसरा पहलू एक और है, जो किसी के गले नहीं उतर रहा।
बच्चे के लापता होने के बाद उसकी ग्रामीणों, परिजनों और पुलिस की टीम ने तलाश की थी।डॉग स्क्वाड, फील्ड यूनिट टीम भी छानबीन में लगी रही थी। ऐसे में सवाल ये है कि जब इतने लोग तलाश करते रहे तो पानी भरे गड्ढे की तरफ नजर कैसे नहीं पड़ी? कुछ लोग गड़्ढे के आसपास गए भी थे, मगर बच्चा नहीं दिखाई दिया।
एफआईआर दर्ज होने के बाद शव का मिलना भी कम सवाल खड़े नहीं करता। कहीं ऐसा तो नहीं फंसने के डर से शव डाल दिया गया हो? ऐसे ही तमाम सवाल ग्रामीण भी करते रहे। मगर, अभी जवाब नहीं मिल सका है। फिलहाल पुलिस प्रकरण की छानबीन में जुटी हुई है।
मृतक की मां पूजा देवी की ओर से दी गई तहरीर पर अज्ञात पर अपहरण की रिपोर्ट पहले से दर्ज की जा चुकी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी। उसके बाद कार्रवाई की दिशा तय हो सकेगी। फिलहाल छानबीन चल रही है। मृतक का छह माह का छोटा भाई है। – अचल कुमार, एसओ दियारियाकलां
