बरेली: महापुरुषों के पार्क की ऐसी बदहाली, अधिकारी झांके तक नहीं

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बरेली, अमृत विचार। देश के महापुरुषों की प्रतिमाएं और उनके नाम पर पार्क इसलिए बनाए जाते हैं, ताकि लोग उनके बारे में किताबों में पढ़कर उनका आदर-सम्मान करें लेकिन चकाचौंध की इस दुनिया में जहां लोग महापुरुषों की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं अब सामाजिक संगठन, नगर निगम, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी …

बरेली, अमृत विचार। देश के महापुरुषों की प्रतिमाएं और उनके नाम पर पार्क इसलिए बनाए जाते हैं, ताकि लोग उनके बारे में किताबों में पढ़कर उनका आदर-सम्मान करें लेकिन चकाचौंध की इस दुनिया में जहां लोग महापुरुषों की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं अब सामाजिक संगठन, नगर निगम, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी अनदेखी कर रहे हैं। इसी वजह से शहर में महापुरुषों की प्रतिमाएं बदहाल स्थिति में हैं।

2 अक्टूबर को हर साल महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनायी जाती है। जिला प्रशासन को महापुरुषों की जयंती पर उनके नाम से बने पार्कों में साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए जाते हैं लेकिन अधिकारी साफ-सफाई कराना तो दूर बदहाल पार्कों की ओर झांककर भी नहीं देखते हैं। हम आपको जोगी नवादा क्षेत्र स्थित दीनानाथ कॉलोनी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पार्क की बदहाल स्थिति के बारे में बता रहे हैं।

इस पार्क में गांधी जी, उनकी पत्‍‌नी कस्तूरबा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा स्थापित हैं लेकिन पार्क गंदगी से अटा है। महापुरुषों की प्रतिमाओं के चारों ओर साफ-सफाई नाम की चीज दूर-दूर तक नहीं है। जलकुंभी के साथ गंदा पानी भरा हुआ है। प्रतिमाओं तक पहुंचने के लिए जो रास्ता बनाया गया है, उस रास्ते पर कीचड़ है। ऊंची-ऊंची घास उगी हुई है। हालत देखकर लग रहा है कि दशकों से किसी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पार्क की तरफ झांककर भी नहीं देखा है।

1989 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पार्क का हुआ था उद्घाटन
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पत्‍‌नी ललिता शास्त्री ने 11 अप्रैल 1989 को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पार्क का उद्घाटन किया था। इसका जिक्र वहां लगे शिलापट्ट में किया गया है। बताते हैं कि कॉलोनी को बसाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दीनानाथ मिश्रा थे। उन्हीं के प्रयासों से पार्क बनाया गया था।

इस पार्क में एक जगह पर महात्मा गांधी व उनकी पत्‍‌नी कस्तूरबा गांधी व जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा स्थापित हैं। दूसरी जगहों पर लाल बहादुर शास्त्री, लोकमान्य बालगंगाधर तिलक, सुभाष चन्द्र बोस व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पुरुषोत्तम दास टंडन की प्रतिमा भी स्थापित हैं। यह पार्क अब पूरी तरह बदहाल स्थिति में है। पार्क में कॉलोनी की नालियों का पानी जमा होता है। इस पार्क में मंदिर भी बना है।

नगर निगम और प्रशासन ने नहीं दिया कोई ध्यान
सात दिन पहले राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को यह निर्देश दे दिए थे कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती धूमधाम से मनाने के साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के पार्क, गांधी पार्क समेत अन्य महापुरुषों के पाकों की साफ-सफाई भी करा लें। नगर मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय ने बैठक कर नगर निगम समेत सभी विभागों के अधिकारियों को पार्कों की साफ-सफाई कर गांधी जयंती पर निर्धारित समय पर कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश जारी किए। दो दिन से सरकारी कार्यालयों में गांधी जयंती के कार्यक्रम कराने की चर्चा भी हुई लेकिन अफसरों ने गांधी जयंती के मौके पर पार्कों की बदहाल स्थिति की तरफ ध्यान नहीं दिया।

जोगीनवादा में भी गांधी प्रतिमा बदहाल
जोगीनवादा क्षेत्र में भी महात्मा गांधी की प्रतिमा लगी है। यह प्रतिमा काफी दिनों से बदहाल स्थिति में है। किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। प्रतिमा काफी क्षतिग्रस्त स्थिति में है। इस ओर न नगर निगम और न ही प्रशासन ने कोई ध्यान दिया है।

पार्क के पास एक रोड नीची बन गई है। इससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही और पार्क में पानी भर रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए संपवेल लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। इस पर करीब 15-16 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके लगते ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा। -नरेश पटेल, क्षेत्रीय पार्षद

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