पीलीभीत: फसल कटने से पहले किसानों को झटका, तेज आंधी-बारिश से धान खेत में बिछा
पीलीभीत, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में देर रात एक बार फिर मौसम ने करवट बदली। दिन भर के उतार चढाव के बाद देर रात अचानक पहले तेज हवा चली। उसके बाद बारिश होने लगी। बारिश होने से बीते कई दिन से उमस और गर्मी से तो शहरवासियों को राहत मिल गई। लेकिन तेज …
पीलीभीत, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में देर रात एक बार फिर मौसम ने करवट बदली। दिन भर के उतार चढाव के बाद देर रात अचानक पहले तेज हवा चली। उसके बाद बारिश होने लगी। बारिश होने से बीते कई दिन से उमस और गर्मी से तो शहरवासियों को राहत मिल गई। लेकिन तेज हवा और बारिश से पकने के मुहाने पर खड़ा धान चटाई की तरह खेतों में बिछ गया। कृषि वैज्ञानिकों ने धान के उत्पादन में कमी की आशंका जताई है।
माधोटांडा के कलीनगर क्षेत्र में शनिवार रात में तेज आंधी तूफान से पानी भरने से काश्तकारों की धान की खड़ी फसल बर्बाद हो गई। उससे किसानों में दहशत का माहौल है। खुले में भीगने से किसानों को अपना धान बेचने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। प्राइवेट आढ़त पर धान का कोई भी रेट तय नहीं है। आढ़ती मौका देखकर किसानों से औने-पौने में धान खरीद रहे हैं। तिलहन की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
वहीं, पिछले कई दिनों से मौसम तेजी से बदल रहा था। मौसम विशेषज्ञ बारिश के भी आसार जता रहे थे। किसान भी बारिश से होने वाले नुकसान से आशंकित थे। शनिवार देर रात अचानक मौसम ने करवट बदली। पहले तेज हवा चली। फिर बारिश होने लगी। तेज हवा और बारिश से पूरनपुर, माधोटांडा, गुलाब टांडा, अमरिया, न्यूरिया, मझोला समेत कई इलाकों में लगभग पका खड़ा धान खेतों में चटाई की तरह बिछकर भीग गया।
इससे पहले शनिवार सुबह भी बारिश हो चुकी थी। हालांकि दोपहर में धूप खिली। रविवार की रात में बारिश के बाद सुबह धूप खिल गई। मगर, जो खेत निचले हैं, उनमें धान की फसल बारिश से भीग गई। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। पका धान भीगने से क्रय केंद्र पर बिकने में दिक्कत आएगी।
अभी भी बादल और बारिश के आसार
रविवार को बारिश होने से तापमान में कुछ गिरावट आई। अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चार अक्टूबर यानी कि सोमवार को भी मौसम विभाग ने बादल और बारिश होने की भविष्यवाणी की है।
लखनऊ आंचलिक विज्ञान केंद्र के मौसम विशेषज्ञ डॉ. जेपी गुप्ता ने बताया कि सोमवार को आधी रात के बाद या फिर सुबह बारिश होगी। दिन में बादल छाए रहेंगे या हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। मंगलवार को भी बूंदाबांदी होने के आसार हैं। मगर, दिन में कभी धूप तो कभी बादल छाए रहेंगे। अगले दो से तीन दिन तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एचएस ढाका ने बताया कि जिन इलाकों में तेज बारिश हुई है, वहां धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। जिन इलाकों में हल्की बारिश हुई, वहां धान की फसल खराब नहीं हुई है। धान के अलावा अन्य फसलों को खास नुकसान नहीं है।
शहर में जलभराव
बारिश से शहर में जलभराव हो गया। आधे घँटे तेज बारिश ने शहर की सड़कों में जलभराव हो गया। हालांकि बारिश का पानी नाली के रास्ते कुछ देर में निकल गया। मगर, अग्रवाल सभा भवन के निकट, रेलवे स्टेशन रोड, सुनगढ़ी, फीलखाना, पकड़िया, मोहतसिम खां आदि इलाकों में जलभराव हो गया।
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