बरेली: छह लाख में बना दूंगा हाईकोर्ट का कंप्यूटर ऑपरेटर बोलकर लाखों ठगे
बरेली, अमृत विचार। उच्च न्यायालय में कंप्यूटर सहायक के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर सुभाषनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि न्यायालय विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपियों ने लाखों रुपये ठग लिए। वहीं नौकरी न …
बरेली, अमृत विचार। उच्च न्यायालय में कंप्यूटर सहायक के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर सुभाषनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि न्यायालय विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपियों ने लाखों रुपये ठग लिए। वहीं नौकरी न लगने पर रकम वापस मांगने पर आधी रकम वापस कर बकाया हड़प कर ली।
सुभाषनगर क्षेत्र के नेकपुर के रहने वाले गिरीश कुमार ने बताया कि कैंट के बभिया निवासी हरिओम पाराशरी ने बताया कि उसने अपने बेटे दीपक पाराशरी का उच्च न्यायालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर नौकरी लगवाई है। आरोपी ने अपने बेटे का नियुक्ति पत्र भी दिखाया। इसके बाद उसने पीड़ित के बेटे की भी उच्च न्यायालय में कंप्यूटर सहायक के पद पर नौकरी लगवाने की बात कही थी, जिसके लिए उसने छह लाख रुपयों की मांग की।
गिरीश कुमार ने अच्छी नौकरी के लालच में आकर आरोपी को पांच लाख रुपये खाते में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर एक लाख रुपये नगद दे दिए थे। भुगतान होने के कुछ दिन बाद आरोपी ने एक लिस्ट गिरीश को दिखाई जिसमें उसके बेटे का भी नाम था। लेकिन दो साल बाद तक भी ज्वाइनिंग लेटर न आने पर उन्हें शक हुआ तो उन्होंने प्रयागराज जाकर मामले का पता किया, जिसके बाद उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला।
इसके बाद उन्होंने हरिओम से अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने टुकड़ों-टुकड़ों में करीब 3 लाख की रकम वापस कर दी। वहीं बकाया रकम के लिए बैंक चेक दिया जो बाउंस हो गया, जिसकी सूचना पर हरिओम ने टालमटोल शुरू कर दी। इसकी शिकायत सुभाषनगर पुलिस से करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय में वाद दायर किया।
