तुर्की से बरेली खींच लाई आला हजरत की निस्बत
बरेली, अमृत विचार। दरगाह आला हजरत पर यूं तो हर साल देश विदेश से जायरीन शिरकत करने आते हैं। मगर लगातार दूसरी साल पाबंदियों के साये में उर्से रजवी मनाया जा रहा है जिसके चलते जायरीन नहीं आ पा रहे। बावजूद इसके आला हजरत से निस्बत सरहदों और पाबंदियों पर भारी पड़ रही है। यही …
बरेली, अमृत विचार। दरगाह आला हजरत पर यूं तो हर साल देश विदेश से जायरीन शिरकत करने आते हैं। मगर लगातार दूसरी साल पाबंदियों के साये में उर्से रजवी मनाया जा रहा है जिसके चलते जायरीन नहीं आ पा रहे। बावजूद इसके आला हजरत से निस्बत सरहदों और पाबंदियों पर भारी पड़ रही है।
यही वजह है कि 103 वें उर्स-ए-रजवी के मौके पर तुर्की इस्तांबुल से शेख नाजी तुरबा बरेली पहुंचे और दरगाह आला हजरत पर हाजिरी दी। उन्होनें दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां, सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां समेत उर्स प्रभारी सैयद आसिफ मियां, मुफ्ती सलीम नूरी से मुलाकात कर तुर्की के उलेमा की तरफ से उर्स की मुबारकबाद पेश की।
दरगाह पर हाजरी देकर गुलपोशी की। साथ ही दुनिया भर में अमन शांति के लिए दुआ की। उन्होनें दरगाह प्रमुख और सज्जादानशीन को तुर्की आने की दावत दी है।
